•दो साल तक चली जांच में खुली पोल, शैक्षिक अभिलेख में दर्ज मिला दूसरे व्यक्ति का नाम।
रिपोर्ट: संजय त्रिपाठी।
सिद्धार्थनगर। फर्जी अभिलेखों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में इटवा ब्लॉक में तैनात सफाई कर्मी बलराम पुत्र भरथू की सेवा समाप्त कर दी गई है। करीब दो साल तक चली जांच के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने 14 अक्टूबर को यह कार्रवाई की। सेवा समाप्ति संबंधी आदेश की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, खंड विकास अधिकारी इटवा और सहायक विकास अधिकारी पंचायत इटवा को भी भेजी गई है। मामला भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के बिशुनपुर हरी गांव निवासी बृजेश कुमार पांडेय की शिकायत से जुड़ा है। उन्होंने इटवा ब्लॉक के पेंड़रा गांव निवासी सफाई कर्मी बलराम पर फर्जी अभिलेखों के सहारे नौकरी पाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी और डीपीआरओ से शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, सफाई कर्मी ने संत मौनी दास विद्यालय, बिशुनपुर हरी की छात्र पंजिका में दर्ज नाम के आधार पर अपनी शैक्षिक जानकारी प्रस्तुत की थी। शिकायत के आधार पर तत्कालीन डीपीआरओ ने 29 अक्टूबर 2024 को संबंधित अभिलेखों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान छात्र पंजिका में संबंधित क्रमांक पर बलराम पुत्र भरथू के बजाय अमजद अली पुत्र मुबारक अली का नाम दर्ज मिला। इसके बाद सफाई कर्मी को निलंबित कर मामले की विस्तृत जांच अपर जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंप दी गई।
जांच अधिकारी ने 30 जनवरी 2025 को आरोप पत्र जारी कर संबंधित सफाई कर्मी से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर 29 अप्रैल 2025 को दोबारा पत्र भेजकर 10 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया। पत्र में स्पष्ट किया गया था कि जवाब नहीं मिलने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। अंततः जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद डीपीआरओ ने 14 अक्टूबर को सफाई कर्मी की सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।


