लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश में अब तक 8,76,500 से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश ने गुजरात को पीछे छोड़ दिया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर सौर ऊर्जा’ के संकल्प और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा की निरंतर निगरानी में यूपीनेडा, बिजली विभाग, डिस्कॉम, बैंकिंग संस्थानों और अधिकृत वेंडर्स के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाते हुए जिला स्तर पर नियमित समीक्षा, बैंकिंग मामलों के फॉलोअप, मीटरिंग की निगरानी और लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण से रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने की गति में तेजी लाई गई है।
ए.के. शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अब तक 2,942 मेगावाट से अधिक रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है, जिससे प्रतिदिन 1.32 करोड़ यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित हुई है। इससे लाखों परिवारों के बिजली खर्च में कमी आने के साथ प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है। अनुमान के अनुसार रूफटॉप सोलर से करीब 11,700 एकड़ भूमि के बराबर भू-आवश्यकता से बचाव और प्रतिवर्ष 34 लाख टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी होगी। यह पर्यावरणीय लाभ लगभग 15 करोड़ से अधिक पेड़ों द्वारा एक वर्ष में अवशोषित किए जाने वाले कार्बन के बराबर माना गया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं।
यूपीनेडा की ओर से 8,000 से अधिक वेंडर्स को इम्पैनल किया गया है, जिनके माध्यम से सौर ऊर्जा क्षेत्र में एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, दादरी, मथुरा और गाजियाबाद समेत विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सोलर मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े उद्योगों का इकोसिस्टम भी तेजी से विकसित हो रहा है।
योजना का असर जनपदों की रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 15 जनपद देश के टॉप-100 में शामिल हैं। इनमें लखनऊ ने देश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि वाराणसी 10वें स्थान पर है। केंद्रीय और राज्य सब्सिडी के माध्यम से 7,700 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचा है, जिससे घरेलू स्तर पर रूफटॉप सोलर अपनाना आसान हुआ है।
शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह उपलब्धि केवल रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में देश में नंबर वन बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वच्छ, आत्मनिर्भर और हरित भारत के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश अब सौर ऊर्जा, हरित रोजगार और स्वच्छ ऊर्जा आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।


