•सनातन संस्कृति, गुरुकुल परंपरा और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन पर हुई चर्चा।
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा/गोवर्धन। जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मदन मोहन झा ने गोवर्धन स्थित शंकराचार्य आश्रम पहुंचकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देवतीर्थ महाराज से शिष्टाचार भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान सनातन संस्कृति, गुरुकुल परंपरा और युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
पत्रकारों से बातचीत में प्रो. मदन मोहन झा ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज से प्रत्येक भेंट नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य महाराज युवाओं, विशेषकर जेन-जी पीढ़ी को सनातन मूल्यों और धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके दूरगामी परिणाम देश के सांस्कृतिक और सामाजिक उत्थान में सहायक होंगे।
प्रो. झा ने चित्रकूट में शंकराचार्य महाराज द्वारा स्थापित किए जा रहे गुरुकुल की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरुकुल के माध्यम से सनातन धर्म और संस्कृति के विद्वान तैयार होंगे, जो धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।
भेंट के दौरान प्रो. मदन मोहन झा ने गोवर्धन मठ पुरी पीठ के 144वें शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी श्री निरंजनदेव तीर्थ महाराज के चित्रपट पर माल्यार्पण किया। इसके बाद वर्तमान शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद महाराज से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने शंकराचार्य महाराज को राजस्थान पधारने के लिए सादर आमंत्रित भी किया।


