सहजनवा। राष्ट्रीय महत्व के कार्य ‘जनगणना’ को लेकर सहजनवा तहसील में तैनात प्रगणक गणनाकर्मी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। जैसे ही विद्यालयों में छुट्टियां घोषित हुईं, वैसे ही ड्यूटी से बचने के लिए कई शिक्षकों और प्रगणकों के बीमार होने का सिलसिला शुरू हो गया है। स्थिति यह है कि तहसील क्षेत्र में तैनात करीब 100 से अधिक प्रगणकों ने अभी तक मकानों की गणना का बुनियादी काम भी शुरू नहीं किया है। कर्मचारियों की इस घोर लापरवाही और कार्य से जी चुराने की प्रवृत्ति के कारण सहजनवा तहसील मकान गणना के मामले में पूरे जनपद में पिछड़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गई है।
राजनीतिक दबाव और ड्यूटी से भागने की होड़
वर्तमान में जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों के सूचीकरण और गणना का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। सहजनवा तहसील के करीब सवा दो सौ 225 गांवों में व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग साढ़े आठ सौ 850 प्रगणकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें से एक बड़े हिस्से ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए नजरी नक्शा तैयार कर मकानों की नंबरिंग और गणना का काम शुरू भी कर दिया है।
चौरीचौरा टॉप पर, सहजनवा फिसला: जहां एक ओर जनपद में चौरीचौरा तहसील बेहतरीन कार्यशैली की बदौलत शीर्ष (टॉप) पर बनी हुई है, वहीं सहजनवा तहसील प्रगणकों की कामचोरी के कारण पांचवें पायदान पर खिसक गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कई प्रगणक अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। बीमारी का बहाना बनाने के साथ-साथ अफसरों पर रसूखदार राजनीतिक व्यक्तियों और नेताओं के माध्यम से नाम हटवाने का भारी दबाव भी बनवाया जा रहा है। वहीं, कुछ कर्मचारी तो ऐसे हैं जो सीधे तौर पर ड्यूटी करने से ही साफ मना कर रहे हैं।
लापरवाह शिक्षक पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
कर्मचारियों की इस मनमानी पर अब तहसील प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पिपरौली ब्लॉक के कम्पोजिट विद्यालय कोठ बरवल में तैनात एक शिक्षक द्वारा जनगणना कार्य में घोर लापरवाही बरतने और आदेश की अवहेलना करने का मामला सामने आया है। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए तहसील प्रशासन ने उक्त शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस कार्रवाई से कामचोर कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
तहसीलदार की सख्त चेतावनी: कार्य न करने वालों पर होगी जेल की हवा
इस पूरे मामले पर सहजनवा के तहसीलदार राकेश कुमार ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण और अनिवार्य राष्ट्रीय कार्य है। इसमें जिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में अपना कार्य पूरा करना होगा। जो भी प्रगणक या पर्यवेक्षक कार्य में लापरवाही बरतेंगे, ड्यूटी से भागेंगे या राजनीतिक दबाव बनवाने का प्रयास करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे सभी डिफाल्टरों और काम न करने वालों के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी।
तहसीलदार की इस सख्त हिदायत के बाद अब देखना यह होगा कि राजनीतिक रसूख और बीमारी का बहाना बनाने वाले ये प्रगणक कब तक जमीन पर उतरकर जनगणना के कार्य को गति देते हैं।