•चौक बाजार सर्राफा समिति के आयोजन में उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
मथुरा। धर्मनगरी मथुरा में चौक बाजार सर्राफा समिति द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बना हुआ है। अग्रवाटिका, मसानी लिंक रोड पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा श्रवण कर रहे हैं। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में डूबा दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ 23 मई 2026 को महिलाओं के मेहंदी उत्सव के साथ हुआ। इस अवसर पर महिलाओं एवं युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति गीतों, नृत्य और धार्मिक आयोजनों के बीच पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान के भजनों पर जमकर आनंद लिया।
24 मई को स्वामी घाट से सायं 4 बजे भव्य एवं विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसने नगरवासियों का मन मोह लिया। शोभायात्रा में नासिक बैंड, प्रकाश बैंड एवं इस्कॉन भक्तों द्वारा किए गए श्री हरिनाम संकीर्तन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। 101 महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। श्रद्धालु पूरे मार्ग में भगवान के जयकारों के साथ नृत्य करते नजर आए।
शोभायात्रा का सबसे विशेष आकर्षण बालकृष्ण प्रभु का सुसज्जित डोला रहा, जिसके साथ कथा व्यास परम पूज्य श्री रमाकांत जी गोस्वामी महाराज स्वयं कीर्तन करते हुए भक्तों एवं सेवकों के साथ आगे बढ़ रहे थे। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
कथा स्थल पर आचार्य श्री रमाकांत जी गोस्वामी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत महात्म्य का अत्यंत ओजस्वी, मार्मिक एवं ज्ञानवर्धक वर्णन किया जा रहा है। उनके श्रीमुख से निकल रही अमृतमयी वाणी सुन श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भक्ति, धर्म एवं मानव जीवन के आदर्शों का सुंदर वर्णन किया जा रहा है।
27 मई को आयोजित नंदोत्सव कार्यक्रम में भक्तों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने नंद बाबा की बधाइयों के साथ जमकर उत्सव मनाया तथा भक्ति गीतों पर नृत्य कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बालकृष्ण प्रभु के नित्य नए मनोरथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कथा स्थल पर प्रतिदिन विशाल प्रसाद वितरण भी किया जा रहा है।
28 मई को गोवर्धन पूजा तथा 29 मई को श्री रुक्मिणी विवाह महोत्सव का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। वहीं 30 मई को श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन किया गया तथा 31 मई को विशाल भंडारे के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन को सफल बनाने में राजेंद्र बंसल (भगत जी), चंद्रमोहन, राकेश, मुकेश, अरविंद, रितेश, हेमंत, अनुराग, भरत टेंट, तुलसी गर्ग, अजय, गिरधारी, अनिल पंडित, किशोर चौधरी, वीरेंद्र चौधरी, देवेश विशाल, मुरारीलाल, संजय बुलियन, मनोज, कन्हैया, राजकुमार एवं गौरव मेडिकल सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।