गोचरों की अभिव्यक्ति और ऐतिहासिक दस्तावेज है ‘गोचरों का नेपथ्य’ : डॉ. राजेंद्र मिलन

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मथुरा। पुण्यश्लोका लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के उपलक्ष्य में रिफाइनरी क्लब में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं पुस्तक विमोचन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए साहित्यकारों, कवियों और बुद्धिजीवियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के प्रथम चरण का शुभारंभ लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राजेंद्र मिलन ने किया। इस अवसर पर महाकाव्य संकलन ‘गोचरों का नेपथ्य’ का विमोचन किया गया।

विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. राजेंद्र मिलन ने कहा कि ‘गोचरों का नेपथ्य’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि गोचर समाज की अभिव्यक्ति और एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि इस महाकाव्य संकलन में भारत के 11 राज्यों के 163 हिंदीभाषी कवियों की रचनाओं का समावेश किया गया है, जो इसे विशेष और संग्रहणीय बनाता है।

महाकाव्य संकलन के प्रकाशक ओमप्रकाश बघेल एवं प्रेम प्रकाश पाल, तथा संपादक डॉ. जे.पी. बघेल, शिवकुमार दीपक, रवि पाल ‘खामोश’ और रूपेश धनगर ने भी पुस्तक की विषयवस्तु और उसके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि उद्योगपति बी.एस. बघेल रहे। अतिथियों के स्वागत की व्यवस्था लेफ्टिनेंट कर्नल यादराम बघेल ने संभाली।

देशभर के कवियों ने बिखेरा काव्य रस

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए 60 से अधिक कवियों ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कवि सम्मेलन में डॉ. राजेंद्र मिलन (आगरा), डॉ. हरिसिंह पाल (दिल्ली), नत्थी सिंह बघेल (दिल्ली), रामप्रकाश पथिक (कासगंज), पहुंचीलाल धनगर ‘विषधर’ (शिकोहाबाद), डॉ. संगीता पाल (कच्छ), डॉ. सुशील पाल (मुंबई), सरोज सौदामिनी (फिरोजाबाद), मनु वैशाली (शिवपुरी), डॉ. प्रभाकर लोंढे (नागपुर), जोहन पाल ‘भार्गव’ (शहडोल), पद्मावती पदम (आगरा), डॉ. जे.पी. बघेल (मुंबई), ओमप्रकाश बघेल (पलवल), प्रेम कुमार पाल (गाजियाबाद), शिवकुमार दीपक (हाथरस), रवि पाल ‘खामोश’ (बड़ोदरा) तथा रूपेश धनगर (मथुरा) सहित अनेक कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन प्रसिद्ध रंगकर्मी देवेंद्र पाल ने किया।

सैकड़ों साहित्यप्रेमी रहे मौजूद

इस अवसर पर सहायक श्रमायुक्त एम.एल. पाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर, यू.एस. पाल, इंजी. डी.सी. वर्मा, संजय प्रधान, शंकर लाल धनगर, तुलसीराम धनगर, पूरन सिंह बघेल, महेश बघेल, सतीश बघेल, डॉ. राजमणि पाल, डॉ. रमेश पाल, डॉ. रमेश वर्मा, डॉ. रमेश चंद्र धनगर, राधेलाल धनगर, दानवीर सिंह बघेल, चंद्र प्रकाश बृजवासी, रघुवीर बघेल, तेजपाल पहलवान, हरगोविंद धनगर, इंजी. मेदाराम धनगर सहित सैकड़ों साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे।


चार साहित्यकारों की पुस्तकों का भी हुआ लोकार्पण

कवि सम्मेलन के दौरान ‘गोचरों का नेपथ्य’ महाकाव्य संकलन के साथ-साथ धीरेंद्र पाल सिंह बघेल की पुस्तक ‘अलिखित इतिहास’, जोहन पाल ‘भार्गव’ की ‘अर्जुन युद्ध कर’, रामसागर धनगर ‘परिवर्तन’ की ‘देवी अहिल्याबाई होल्कर’ तथा मानसिंह बघेल की ‘मनोहर छंदों की दुनिया’ का भी लोकार्पण किया गया। समारोह में इन कृतियों की साहित्यिक एवं सामाजिक उपयोगिता पर भी चर्चा की गई।

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