•AI कैमरों से मिलेगी रियल टाइम निगरानी।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाओं को और पारदर्शी एवं नकलविहीन बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम लागू करने की कवायद तेज हो गई है। शासन ने इसके लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध करा दी है। पिछले दो वर्षों में कंपनियों द्वारा निर्धारित बजट से लगभग दोगुनी राशि की मांग किए जाने के कारण टेंडर निरस्त करने पड़े थे। ऐसे में परिषद अब बजट बढ़ाने के प्रस्ताव पर मंथन कर रही है।
प्रदेश में यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त 28,530 विद्यालय हैं। इसमें 2,820 राजकीय, 4,519 सहायता प्राप्त और 22,191 स्ववित्तपोषित विद्यालय शामिल हैं। वर्ष 2025 की बोर्ड परीक्षा के लिए 8,140 तथा वर्ष 2026 की परीक्षा के लिए 8,033 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दोनों वर्षों में एआई कैमरे लगाने के लिए शासन ने 25-25 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया था लेकिन कंपनियों ने क्रमशः 47 करोड़ और 44 करोड़ रुपये की मांग कर दी। इसके चलते टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब उम्मीद जताई जा रही है कि शासन बजट बढ़ा सकता है।
परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया में केवल दो कंपनियों ने भाग लिया था। बजट और कंपनियों की मांग के बीच बड़े अंतर के कारण एआई कैमरों की स्थापना का प्रस्ताव लगातार अटकता रहा। अब परिषद नई रणनीति के साथ दोबारा टेंडर जारी करने की तैयारी कर रही है। एआई आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने पर यूपी बोर्ड परीक्षा देश की सबसे आधुनिक परीक्षा प्रणालियों में शामिल हो सकती है, जिससे नकल और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
एआई आधारित कैमरे लागू होने के बाद प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों की निगरानी अत्याधुनिक तकनीक से की जा सकेगी। सीसीटीवी कैमरों को एआई सॉफ्टवेयर से जोड़ कर परीक्षा कक्षों में होने वाली गतिविधियों का स्वतः विश्लेषण किया जाएगा। किसी भी प्रकार की असामान्य हलचल, बार-बार स्थान परिवर्तन, समूह में बातचीत अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की पहचान होते ही सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा। यह अलर्ट सीधे कंट्रोल रूम और संबंधित केंद्र व्यवस्थापकों तक पहुंचेगा, जिससे मौके पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी। वर्तमान में उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज की परीक्षाएं एआई आधारित कैमरों की निगरानी में कराई जा रही हैं।