रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वृंदावन के केसी घाट पर 10 अप्रैल 2026 को हुई नाव दुर्घटना के दौरान साहस और तत्परता का परिचय देते हुए 14 श्रद्धालुओं की जान बचाने वाले नाविकों एवं गोताखोरों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, नगर निगम मथुरा-वृंदावन के अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से सम्मानित करते हुए नाविकों और गोताखोरों की कर्तव्यनिष्ठा, त्वरित निर्णय क्षमता तथा मानव सेवा के प्रति समर्पण की सराहना की।
अधिकारियों ने कहा कि आपदा की घड़ी में अपने प्राणों की परवाह किए बिना दूसरों का जीवन बचाना सर्वोच्च मानवीय सेवा है। केसी घाट पर हुए हादसे में नाविकों एवं गोताखोरों की सूझबूझ और त्वरित बचाव अभियान के कारण 14 श्रद्धालुओं की जान बचाई जा सकी, जो पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
बैठक में यमुना नदी में सुरक्षित नौका संचालन को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने नावों पर निर्धारित क्षमता का पालन, प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट की अनिवार्य उपलब्धता, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती, आपातकालीन बचाव संसाधनों की व्यवस्था तथा संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी, यमुना निषाद सेवा समिति के पदाधिकारी, सम्मानित नाविक एवं गोताखोर तथा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मानव जीवन की रक्षा के लिए साहस और निस्वार्थ सेवा का परिचय देने वाले नागरिकों को भविष्य में भी सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही लोगों से यमुना नदी में नौकायन एवं अन्य जल गतिविधियों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील की गई।