रिपोर्ट: विजय नागपाल
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण महायज्ञ-2026, यमुना स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण, एसटीपी प्लांट, स्वच्छता पखवाड़ा तथा यमुना आरती सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में वृक्षारोपण अभियान को केवल लक्ष्य पूर्ति तक सीमित न रखकर जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। उन्होंने सभी विभागों एवं विद्यालय प्रबंधकों को निर्देश दिए कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी संबंधित विभागों को दो दिनों के भीतर संशोधित लक्ष्य के अनुरूप अपनी कार्ययोजना प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत सभी अधिकारियों एवं नागरिकों से अपने आवास पर कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने और उसे अपनी माता को समर्पित करने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक और संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने पंचायत विभाग को निर्देश दिए कि सभी गंगा ग्रामों में गंगा ग्राम समिति, आर्द्रभूमि समिति एवं ग्राम चौपाल का संयुक्त आयोजन कराया जाए।
यमुना नदी की स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने एसटीपी प्लांटों की नियमित जांच, सीवेज प्रबंधन को सुदृढ़ करने तथा यमुना में गिरने वाले अपशिष्ट को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनजागरूकता अभियान को भी व्यापक स्तर पर संचालित करने को कहा।।
बैठक में ठोस अपशिष्ट, प्लास्टिक कचरा, निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट, जैव चिकित्सा अपशिष्ट, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऑनलाइन यूपीईसीपी पोर्टल पर समयबद्ध ढंग से डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नगर निगम एवं नगर निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और प्रभावी बनाने, नालों के माध्यम से यमुना में गंदा पानी जाने से रोकने तथा यमुना एक्शन प्लान के अंतर्गत संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर मथुरा को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण मुक्त जनपद बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।