गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को संरक्षा विभाग में राजभाषा प्रगति संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी नीरज गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में हिंदी कार्यशाला, तकनीकी संगोष्ठी एवं हिंदी साहित्यिक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी नीरज गुप्ता ने कहा कि रेलवे के संरक्षा विभाग में हिंदी के प्रयोग और प्रसार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विभाग राजभाषा नीति एवं निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य कर रहा है तथा कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यशाला में संरक्षा विभाग के राजभाषा संपर्क अधिकारी एवं उप मुख्य संरक्षा अधिकारी कार्तिकेय सिंह ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि विभाग के अधिकांश कार्य हिंदी में किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजभाषा वार्षिक कार्यक्रम 2025-26 के तहत निर्धारित लक्ष्यों का सफलतापूर्वक पालन किया गया है तथा सभी अधिकारी निरीक्षण रिपोर्ट भी हिंदी में जारी कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने आहार एवं पोषण विषय पर भी विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ अनुवादक सपना खरे ने राजभाषा अधिनियम एवं नियमों की जानकारी दी, जबकि वरिष्ठ अनुवादक अनामिका सिंह ने प्रख्यात हिंदी साहित्यकार बाबा नागार्जुन के जीवन एवं साहित्यिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का संचालन राकेश कुमार शर्मा ने किया, जबकि उप मुख्य संरक्षा अधिकारी (सिग्नल) राजेश कुमार शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में संरक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।