•विपक्षियों पर रास्ता बंद करने का आरोप, तहसील प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।
रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख (सीतापुर)। मिश्रिख कस्बे के मोहल्ला थोक के कई ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके घर तक आने-जाने का सार्वजनिक रास्ता बार-बार बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रास्ता खुलवाने के नाम पर क्षेत्रीय लेखपाल प्रत्येक व्यक्ति से 3-3 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं राज सिंह, महेश सिंह, अवधेश, संतोष, प्रकाश, प्यारे सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। उनका कहना है कि कुछ दिन पहले तहसीलदार के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित भूमि को बंजर का रास्ता बताते हुए उसे खुलवाया था, लेकिन बाद में विपक्षियों ने फिर से उस रास्ते पर अवरोध खड़ा कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय लेखपाल अजय पांडेय रास्ता दोबारा खुलवाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति से 3-3 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि लेखपाल ने कथित रूप से कहा कि “व्यवस्था करो, नहीं तो रास्ता भूल जाओ।” ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि तहसील की ओर से मौके पर प्राइवेट कर्मचारियों को जांच के लिए भेजा जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में तहसीलदार अतुल सेन ने मौके पर लेखपाल से पूछा था कि संबंधित भूमि पर कब्जा कैसे हो गया। इस पर लेखपाल ने बताया था कि गलती से संबंधित गाटा संख्या पर कुछ लोगों का नाम दर्ज हो गया है, जिसे ठीक किया जाएगा क्योंकि यह भूमि बंजर श्रेणी की है।
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर रास्ते से अवैध कब्जा हटाने तथा लगाए गए आरोपों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।