•केएम विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बनकर उभरा।
•सफलता में हवाई जहाज के नट-बोल्ट की तरह है हर कर्मचारी का योगदान: किशन चौधरी
•हर साल देश की स्वास्थ्य सेवाओं को समर्पित होंगे केएम मेडीकल कालेज के 250 चिकित्सक
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। केएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए एक बड़ी कामयाबी मिली है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (एमएआरबी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेज में एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों पर नामांकन को मंज़ूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब संस्थान की कुल सीट क्षमता 200 से बढ़कर 250 हो गई है।
इस बड़ी सफलता पर केएम विश्वविद्यालय में जश्न का माहौल रहा। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ केक काटकर इस उपलब्धि की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
सफलता का श्रेय संस्थान के हर छोटे-बड़े कर्मचारी को देते हुए कुलाधिपति ने कहा जिस तरह हवाई जहाज के इंजन में हर एक नट-बोल्ट का विशेष महत्व होता है और एक भी बोल्ट ढीला होने पर इंजन सुचारू रूप से नहीं चल सकता, ठीक उसी तरह केएम विश्वविद्यालय की एमबीबीएस सीटें 250 होने में आप सभी का योगदान है। इस कामयाबी का पूरा श्रेय नर्सिंग स्टाफ से लेकर उच्चाधिकारियों तक को जाता है। विवि के छात्रों से उन्होंने कहा गुरू से लड़कर ही एक शिष्य सफल हो सकता है, टेंशन मुक्त होने से आप मरीजों का इलाज ठीक प्रकार से कर सकते हो। इस दौरान उन्होंने अस्पताल और परिसर में स्वच्छता अभियान निरंतर संचालित करने का आव्हान किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एनसी प्रजापति ने इसे एक ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि काफी कम समय में 250 सीटें हासिल करना सभी की कड़ी मेहनत को दर्शाता है। आज केएम विश्वविद्यालय चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बनकर उभरा है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पूरन सिंह, पशु चिकित्सालय के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय प्रकाश और पूर्व मेडिकल प्राचार्य डॉ. पीएन भिसे ने विश्वविद्यालय के सभी फैकल्टी के विभागाध्यक्षों, चिकित्सकों, यूजी-पीजी डॉक्टर्स सहित विश्वविद्यालय व अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारियों और नर्सिंग स्टाफ को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि एमबीबीएस सीटों में हुई इस बढ़ोतरी से क्षेत्र और राज्य के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा में प्रवेश के अधिक अवसर मिलेंगे। इसे राज्य में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस गौरवपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. सुनील अग्रवाल, परीक्षा नियंत्रक समीक्षा भारद्वाज, अस्पताल की जनरल मैनेजर स्वाती शर्मा, आशीष शर्मा, वेटरिनरी रिचर्ज सेंटर के डा. अशोक कुमार, डा. नेहा, सहायक परीक्षा नियंत्रक अनिल चतुर्वेदी, असिस्टेंट रजिस्ट्रार दीपक माथुर, रनवीर चौधरी, राहुल कुंतल, देवेन्द्र चौधरी, सचिन चौधरी और सुनील शर्मा सहित भारी संख्या में अस्पताल के डॉक्टर्स, नर्सिंग विभाग और यूजी-पीजी के छात्र मौजूद रहे।