संस्कृति आयुर्वेदिक अस्पताल में हिम्स के चिकित्सकों ने उपचार देना किया शुरू।

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मथुरा। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल अस्पताल में अब हॉस्पिटल एंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिकल साइंसेज(हिम्स) के चिकित्सकों नेचुरोपैथी और आर्युवेदिक इलाज करना शुरू कर दिया है । एक महत्वपूर्ण समझौते के तहत भारत के शीर्ष आयुर्वेदिक अस्पतालों में से एक हिम्स ने संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल अस्पताल को अपने एक नए केंद्र के रूप में संचालित करना शुरू कर दिया है। यहां हिम्स के ख्यातिप्राप्त चिकित्सक अपने लंबे अनुभव और विशेषज्ञता के द्वारा ब्रज और आसपास के क्षेत्र के रोगियों का इलाज नेचुरोपैथी और आयुर्वेदिक चिकित्सा के माध्यम से कर रहे हैं।

रोगियों को आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य को एकीकृत करते हुए प्राकृतिक तरीकों से दीर्घकालिक रोगों का सर्वोत्तम आयुर्वेदिक उपचार प्रदान किया जा रहा है। संस्कृति आयुर्वेदिक अस्पताल और हिम्स का मुख्य उद्देश्य रोगों के मूल कारण का निवारण करना और शरीर को शुद्ध, पुनर्जीवित और संतुलित करने वाली चिकित्सा पद्धतियाँ प्रदान करना है।

संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने यह महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल अस्पताल में शुरू हुआ हिम्स आयुर्वेद वेलनेस हॉस्पिटल आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से स्वास्थ्य को बहाल करने का लक्ष्य रखता है। अस्पताल शरीर की प्राकृतिक उपचार क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए उपचार प्रदान करता है। हिम्स में, व्यक्तिगत देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिसमें प्रत्येक रोगी की स्वास्थ्य स्थिति को उनकी विशिष्ट शारीरिक संरचना या दोष और स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार प्रबंधित किया जाता है। उपचार की शुरुआत रोगी की स्वास्थ्य समस्याओं को समझने के लिए परामर्श से होती है। डॉक्टर रोगी के दोष असंतुलन का आकलन करते हैं और उसके अनुसार उपचार योजना बनाते हैं। इस योजना में आमतौर पर हर्बल दवाएं, डिटॉक्स थेरेपी, आहार में बदलाव और जीवनशैली संबंधी सलाह शामिल होती है।

हिम्स के संस्थापक आचार्य मनीष ने बताया कि हिम्स अपने असाधारण आयुर्वेदिक उपचारों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें चिकित्सा पद्धतियाँ, हर्बल दवाएँ और रोगियों के लिए आहार एवं जीवनशैली संबंधी सुझाव शामिल हैं। ये आयुर्वेदिक उपचार पुरानी बीमारियों जैसे गुर्दा रोग, यकृत रोग, कैंसर, दिल की बीमारी, बांझपन, मधुमेह (टाइप 1 और टाइप 2), रक्तचाप को ठीक करने में सहायक होते हैं। इस केंद्र पर ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग), आईपीडी, डे केयर, पंचकर्म, आहार देखभाल जैसी सुविधाएं हिम्स द्वारा प्रदान की जा रही हैं।

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  • Pawan Rastogi

    पवन कुमार रस्तोगी पिछले पाँच वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता एवं डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में न्यूज़ पोर्टल में एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इन्होंने एम.ए., बीएड, पत्रकारिता तथा एलएलबी की शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त कंप्यूटर क्षेत्र में एडीसीए तथा कला के क्षेत्र में बॉम्बे आर्ट जैसे पाठ्यक्रम भी पूर्ण किए हैं।
    समाचार लेखन, संपादन, जनसरोकार से जुड़े विषयों और डिजिटल पत्रकारिता में उनकी विशेष रुचि है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और प्रभावशाली पत्रकारिता उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। वे सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को सरल, सटीक और विश्वसनीय ढंग से पाठकों तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं।

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