•सामान्य वर्ग की मांगों को लेकर प्रदर्शन, एसडीएम के विलंब से पहुंचने पर जताई नाराजगी।
रिपोर्ट : राहुल मिश्रा।
मिश्रिख, सीतापुर। सामान्य वर्ग की समस्याओं, आरक्षण व्यवस्था, एससी/एसटी एक्ट और यूजीसी रेगुलेशन-2026 सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर लोगों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जातिगत आरक्षण व्यवस्था के स्थान पर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने समेत सामान्य वर्ग के हितों से जुड़ी कई मांगें उठाई गईं।
ज्ञापन में कहा गया कि आजादी के बाद से आरक्षण व्यवस्था मुख्य रूप से जातिगत आधार पर संचालित होती आ रही है, जबकि सामान्य वर्ग में भी बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से कमजोर परिवार हैं। प्रतिनिधियों का कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को भी अवसरों का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता के लिए आरक्षण व्यवस्था को आर्थिक आधार पर लागू किए जाने की मांग की।
ज्ञापन में जातिगत आरक्षण समाप्त कर पूर्ण रूप से आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने, एससी/एसटी एक्ट की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन अथवा समाप्त करने, यूजीसी रेगुलेशन-2026 को वापस लेने तथा सामान्य वर्ग के हितों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय सवर्ण आयोग का गठन करने की मांग की गई।
ज्ञापन देने वालों में स्वामी विमलानंद सरस्वती, ऋषि मिश्रा, तुषार अवस्थी, देवांश मिश्रा, अजेंद्र तिवारी और धीरज पाण्डेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
एसडीएम के विलंब से पहुंचने पर नारेबाजी
ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों को एसडीएम कार्यालय के बाहर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। एसडीएम के विलंब से कार्यालय से बाहर आने पर ज्ञापनदाताओं में नाराजगी देखी गई। आक्रोशित लोगों ने एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल बुलाया गया। बाद में एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर प्रतिनिधियों से ज्ञापन प्राप्त किया।


