•पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह आत्महत्या मामले में पुलिस का खुलासा, ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के आरोप।
बस्ती। वाल्टरगंज के पूर्व थानाध्यक्ष रहे स्वर्गीय सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में बस्ती पुलिस ने कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक युवती समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह पर लोगों को कथित तौर पर भावनात्मक और मानसिक दबाव में लेकर ब्लैकमेल करने तथा उनसे रकम वसूलने के आरोप हैं।


पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) बस्ती परिक्षेत्र की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा किया गया। पुलिस के मुताबिक 29 अगस्त 2026 को सूर्य प्रकाश सिंह ने बस्ती कलेक्ट्रेट परिसर स्थित अपने सरकारी आवास में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली थी। मामले में मृतक के पुत्र संदीप सिंह की तहरीर पर 5 सितंबर को थाना कोतवाली बस्ती में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत मुकदमा अपराध संख्या 387/2026 दर्ज किया गया था।
सदर अस्पताल चौराहे से तीनों गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने 6 सितंबर की सुबह करीब 7:55 बजे सदर अस्पताल चौराहे के पास घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में प्रियंका चौधरी (32) पत्नी महेंद्र चौधरी, निवासी बावनपार, थाना पैकोलिया, मूल निवासी गंधार, थाना वाल्टरगंज, बस्ती; रामनयन चौधरी पुत्र संपत चौधरी, निवासी गंधार, थाना वाल्टरगंज और विजय प्रकाश यादव पुत्र भरतराम, निवासी पिपरा काजी, थाना पैकोलिया शामिल हैं। पुलिस के अनुसार विजय प्रकाश यादव पेशे से अधिवक्ता है।
वीडियो कॉल और रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग का आरोप
पुलिस की पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि प्रियंका चौधरी पूर्व में मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर में काम करती थी। पुलिस के अनुसार वह संपन्न लोगों को अपने जाल में फंसाकर कथित तौर पर ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करती थी और बाद में इन्हीं रिकॉर्डिंग के जरिए ब्लैकमेलिंग की जाती थी।
पुलिस का दावा है कि वीडियो कॉल के दौरान हाथ की नस काटकर खून निकलने का दृश्य दिखाकर भी लोगों पर भावनात्मक दबाव बनाया जाता था। इसके बाद कथित तौर पर रकम की मांग की जाती थी। पुलिस के मुताबिक वसूली और कानूनी कार्रवाई की धमकी देने में प्रियंका के पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव की भूमिका सामने आई है।
कई लोगों से लाखों रुपये वसूलने का दावा
पुलिस जांच में अब तक कई लोगों से कथित अवैध वसूली की जानकारी सामने आने की बात कही गई है। इनमें डॉ. उमेश से चार लाख रुपये, अहमद रजा से पांच लाख रुपये और आर्यन दीक्षित उर्फ जितेंद्र दीक्षित से 15 लाख रुपये की वसूली का पुलिस ने दावा किया है।
पुलिस के अनुसार पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह को भी कथित रूप से लगातार मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग का सामना करना पड़ा। मामले की जांच में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सर्विलांस से मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया।
अंतिम कॉल की भी जांच
पुलिस के मुताबिक घटना वाले दिन 13:41 बजे आरोपी विजय प्रकाश यादव ने सूर्य प्रकाश सिंह को अंतिम कॉल की थी। पुलिस का दावा है कि इस कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से मृतक पर बनाए गए कथित मानसिक दबाव की कड़ियां सामने आई हैं। पुलिस ने इसे आत्महत्या की घटना से जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है।
बोलेरो और तीन मोबाइल बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक बोलेरो वाहन संख्या UP 51 BN 5805 और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद मोबाइल फोन में ब्लैकमेलिंग से संबंधित सामग्री और अन्य साक्ष्य मिले हैं। बोलेरो वाहन को भी कथित रूप से पीड़ितों से वसूली गई रकम से खरीदे जाने की बात जांच में सामने आई है।
तीनों आरोपियों को आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों के संबंध में भी जांच कर रही है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
कार्रवाई करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बृजानन्द सिंह, उपनिरीक्षक अजय कुमार यादव, उपनिरीक्षक जयविन्द सिंह, उपनिरीक्षक शेषनाथ यादव, मुख्य आरक्षी देवेश, आरक्षी किशन सिंह, संतोष कुमार, स्कन्द यादव और राकेश यादव शामिल रहे।


