•ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी, नाली निर्माण और जलनिकासी की मांग।
इगलास, अलीगढ़। ग्राम पंचायत भरतपुर के नगला हरिकरना गांव में जलभराव, कीचड़, जर्जर मार्ग और नाली की समस्या को लेकर डी.एल.एड संयुक्त प्रशिक्षु संघ, जनपद अलीगढ़ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी ने खण्ड विकास अधिकारी (BDO) इगलास चैतन्य पाठक से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराते हुए इनके शीघ्र समाधान की मांग की।
धर्मेन्द्र चौधरी ने BDO को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि गांव के मुख्य प्रवेश द्वार पर लंबे समय से जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। नालियों का गंदा पानी मुख्य मार्ग पर जमा होने से ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। प्रवेश द्वार के समीप मंदिर होने के कारण श्रद्धालुओं को भी गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि जलभराव के चलते क्षेत्र में गंदगी और दुर्गंध के साथ मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। बरसात के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
इसके अलावा धर्मेन्द्र चौधरी ने श्री जगन्नाथ सिंह के घर से हिंदू एवं मुस्लिम कब्रिस्तान तक के जर्जर मार्ग और क्षतिग्रस्त नाली का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मार्ग की मरम्मत तथा जलनिकासी के लिए नाली निर्माण कराए जाने की मांग की। उनका कहना था कि मार्ग पर जगह-जगह कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन सहित कब्रिस्तान तक आने-जाने में भी कठिनाई होती है।
खण्ड विकास अधिकारी चैतन्य पाठक ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने समस्याओं के निस्तारण के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा।
धर्मेन्द्र चौधरी ने कहा कि ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं का समाधान प्राथमिकता में होना चाहिए। जलभराव, खराब सड़क और नाली जैसी समस्याओं से ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। प्रशासन के समक्ष समस्याएं प्रमुखता से रखी गई हैं और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही ग्रामीणों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
अंत में धर्मेन्द्र चौधरी ने समस्याओं को गंभीरता से सुनने और सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश देने के लिए BDO चैतन्य पाठक का आभार व्यक्त किया।


