लखनऊ। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को संभव शिकायत निस्तारण पोर्टल के माध्यम से विभिन्न जिलों से प्राप्त शिकायतों की जनसुनवाई की।
उन्होंने कई मामलों में संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि गंभीर और लंबित प्रकरणों की जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। संभव पोर्टल को शिकायतों के समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी समाधान के उद्देश्य से तैयार किया गया है और अब इसके माध्यम से निर्माणाधीन परियोजनाओं की निगरानी भी की जा सकेगी। जनसुनवाई के दौरान कई शिकायतों के समाधान पर शिकायतकर्ताओं ने मंत्री के प्रति आभार भी जताया।
ऊर्जा विभाग से जुड़ी शिकायतों में गाजीपुर के राम प्रताप सिंह ने बताया कि अनुमानित लागत की धनराशि का भुगतान किए जाने के बावजूद संबंधित कार्य शुरू नहीं कराया गया। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कार्य के लिए धनराशि उपलब्ध होने के बाद भी काम शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही है। ऐसी शिथिलता से विभाग की छवि प्रभावित होती है और जनता के बीच गलत संदेश जाता है। गोंडा के सुखदेव सिंह ने संविदा कर्मियों को बिना उचित कारण हटाए जाने की शिकायत की। इस पर भी मंत्री ने प्रबंध निदेशक को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
वहीं फिरोजाबाद में एक निविदा कर्मी की मृत्यु के बाद क्षतिपूर्ति से जुड़े मामले में पीड़ित परिवार को भुगतान कराए जाने पर परिजनों ने मंत्री का आभार जताया।नगर विकास विभाग की शिकायतों में शाहजहांपुर के अंकित भारतीय ने टैक्स जमा करने के बावजूद अभिलेखों में विवरण अद्यतन नहीं किए जाने की शिकायत की।
इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि इस तरह के मामले मंत्री स्तर तक आने की स्थिति क्यों बनी। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों का समाधान निचले स्तर पर ही होना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायतें दोबारा सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में चिन्हित मार्गों पर सौर प्रकाश व्यवस्था नहीं किए जाने की शिकायत पर उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित स्थानों पर तत्काल सौर बत्तियां लगवाने के निर्देश दिए। लखनऊ के कपिल देव त्रिपाठी और ओम प्रकाश गुप्ता ने सीवर, गंदे पानी तथा कॉलोनी में अतिक्रमण की समस्याएं उठाईं।
मंत्री ने नगर निगम के अधिकारियों को इन समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा में समाधान कराने के कड़े निर्देश दिए।जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में विद्युत भार बढ़ने के बावजूद ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई जा रही है, जिससे नियमित रूप से बिजली का बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी होती है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिजली चोरी करने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और ईमानदारी से बिल का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
मंत्री ने जनपदीय अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में सुधार लाने की सख्त हिदायत देते हुए कहा कि राजनीतिक प्रभाव के चलते जनता को परेशान किए जाने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्यशैली में सुधार नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ए.के. शर्मा ने कहा कि जनहित के कार्यों के लिए विभाग के पास बजट की कोई कमी नहीं है। जनता से जुड़े आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का समाधान वास्तविक स्तर पर दिखाई देना चाहिए और किसी नागरिक को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए उच्च स्तर तक आने की जरूरत न पड़े।
जनसुनवाई में डीजी विजिलेंस रामकृष्ण स्वर्णकार, प्रमुख सचिव ऊर्जा रणवीर प्रसाद, प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरु प्रसाद, सचिव अनुज कुमार झा, विशेष सचिव प्रवीण लक्ष्यकार, महेंद्र बहादुर सिंह, प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी, नीतीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

