•सीडीओ की अध्यक्षता में कार्यशाला आयोजित, 400 से अधिक युवाओं की हुई कैरियर काउंसलिंग
केके मिश्रा, संवाददाता।
संत कबीर नगर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, संत कबीर नगर एवं समाधान समिति संस्था, लखनऊ के सहयोग से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत डीपीआरसी हॉल, विकास भवन में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने की। कार्यशाला में 400 से अधिक लाभार्थियों की कैरियर काउंसलिंग की गई।
कार्यशाला की प्रथम पाली में विश्वविद्यालयों, डिग्री कॉलेजों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटरों, आईटीआई, पॉलीटेक्निक आदि के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों, पासआउट छात्रों एवं संभावित लाभार्थियों को योजना की जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने शिक्षित युवाओं को मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान से जोड़ने के लिए योजना के विभिन्न पहलुओं और स्वरोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया।
द्वितीय पाली में बैंकों के शाखा प्रबंधकों, जिला समन्वयकों, एलडीएम, सीएससी संचालकों, आरसेटी, कौशल विकास मिशन सहित प्रशिक्षण संस्थाओं एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजना के पोर्टल और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। इस दौरान विभिन्न इनोवेटिव परियोजनाओं, ‘बिजनेस ऑन व्हील्स’ और फ्रेंचाइजी बिजनेस से संबंधित मॉडल प्रस्तुत कर युवाओं को नए व्यवसायों से जोड़ने के लिए प्रेरित किया गया।
हर वर्ष एक लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत प्रदेश में प्रतिवर्ष एक लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के अवसर मिलेंगे और जनपद में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उपायुक्त उद्योग विनोद कुमार वर्मा ने योजना की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में निर्धारित 1600 के लक्ष्य के सापेक्ष 1409 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे जा चुके हैं। इनमें 503 आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं और 508 मामलों में वितरण की कार्रवाई हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पात्र युवा सहज जनसेवा केंद्र के माध्यम से अथवा स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, संत कबीर नगर से संपर्क किया जा सकता है।
जिला अग्रणी प्रबंधक ने बताया कि योजना के तहत बैंकों को प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है।
300 से अधिक बिजनेस मॉडल का किया गया प्रस्तुतिकरण
कार्यशाला में बैंकिंग एक्सपर्ट मुकेश वार्ष्णेय, हेड ट्रेनर पुनीत चन्द्रा एवं रीजनल कोऑर्डिनेटर अमन कुमार ने ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतीकरण के माध्यम से योजना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। इस दौरान 300 से अधिक बिजनेस मॉडल एवं परियोजनाओं को विजुअली प्रस्तुत किया गया।
विशेषज्ञों ने युवाओं को बताया कि योजना के लिए आवेदन कैसे करें, कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं, ऑनलाइन प्रोजेक्ट रिपोर्ट कैसे तैयार की जाती है, परियोजना के लिए आवश्यक मशीनरी कहां से प्राप्त की जा सकती है और पंजीकरण की प्रक्रिया क्या है। कार्यशाला के दौरान ऑनलाइन पंजीकरण भी कराया गया। योजना के तहत ई-रिक्शा और ऑटो से संबंधित परियोजनाओं को भी लाभान्वित किए जाने की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर उदय नारायण, प्रधानाचार्य आईटीआई मेंहदावल, नीरज कुमार सिंह जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, जितेंद्र कुमार गौतम सहायक आयुक्त उद्योग, पवन सिन्हा अग्रणी जिला प्रबंधक, उद्योग विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, जिला बैंक समन्वयक, जनपद स्तरीय अधिकारी, सीएम युवा फेलोज, रैम्प के जिला प्रबंधक तथा बड़ी संख्या में नव उद्यमी युवा मौजूद रहे।


