•278 लोगों ने दूरबीन से किया शनि ग्रह का प्रत्यक्ष अवलोकन, विशेषज्ञों ने बताया खगोलीय घटना का वैज्ञानिक महत्व।
लखनऊ। शनि ग्रह की प्रतियुति (Saturn Opposition) के विशेष खगोलीय अवसर पर इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला, लखनऊ द्वारा आमजन एवं आकाश प्रेमियों के लिए विशेष रात्रि आकाश दर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दूरबीन के माध्यम से शनि ग्रह का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
इस अवसर पर कुल 278 लोगों ने नक्षत्रशाला परिसर से शनि ग्रह का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को शनि ग्रह, उसकी प्रतियुति तथा इस खगोलीय घटना के वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
लखनऊ शहर में प्रकाश प्रदूषण अधिक होने के कारण शनि ग्रह आकाश में अपेक्षाकृत देर से स्पष्ट दिखाई दिया। लगभग सायं 7:30 बजे शनि ग्रह का अवलोकन संभव हो सका। इसके बाद उपस्थित लोगों ने दूरबीन के माध्यम से शनि ग्रह को देखा और इस विशेष खगोलीय अवसर का आनंद लिया।
विशेषज्ञों ने बताया कि शनि की प्रतियुति वह स्थिति है, जब पृथ्वी सूर्य और शनि के बीच स्थित होती है। इस दौरान शनि सूर्य के लगभग विपरीत दिशा में दिखाई देता है और पृथ्वी के अपेक्षाकृत निकट होने के कारण इसे देखने का यह अनुकूल अवसर माना जाता है।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने शनि ग्रह के अवलोकन के साथ-साथ रात्रि आकाश में मौजूद अन्य खगोलीय पिंडों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। नक्षत्रशाला द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे Sky Watching एवं Astronomical Observation Programmes का उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों और युवाओं में खगोल विज्ञान के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं जिज्ञासा को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनुराग अवस्थी, दीपशिखा, मोहम्मद अनस, अभिषेक और अनमोल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


