लखनऊ। यूपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी श्रेणी के अवकाश प्राप्त पत्रकारों और उनके परिवारों को आयुष्मान योजना में शामिल किए जाने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि वर्तमान में यह सुविधा केवल मान्यता प्राप्त पत्रकारों को ही मिल रही है। इस संबंध में यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उनके अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई है कि ऐसे अवकाश प्राप्त पत्रकार, जिन्हें एक निश्चित अवधि तक पत्रकार के रूप में मान्यता प्राप्त रही है, उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद भी आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाए। इसके अलावा ऐसे अन्य श्रमजीवी पत्रकार, जिनके पास कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) का पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) है, उन्हें भी योजना में शामिल किया जाए। अन्य श्रमजीवी पत्रकारों को योजना का लाभ देने के लिए अलग से नियमावली बनाए जाने की मांग भी की गई।
प्रतिनिधिमंडल में यूनियन के प्रादेशिक महामंत्री देवराज सिंह, लखनऊ मंडल अध्यक्ष शिवशरन सिंह, अविनाश शुक्ला, शिव विजय सिंह, टीएन मिश्रा, डीपी शुक्ला और अनिल सैनी शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने अपर मुख्य सचिव को महोबा में आयोजित यूनियन के प्रादेशिक प्रतिनिधि सम्मेलन में पारित प्रस्ताव भी सौंपे। इनमें पत्रकारों के लिए पेंशन की व्यवस्था, पीजीआई में उपचार संबंधी सुविधाओं का सरलीकरण, सस्ती दरों पर आवास एवं भूखंड आवंटन, पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने तथा प्रेस मान्यता समिति के गठन की मांग शामिल है।
यूनियन के प्रादेशिक अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान योजना में शामिल किए जाने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ दे रही है। ऐसे में यदि 60 वर्ष से अधिक आयु के अवकाश प्राप्त पत्रकारों को भी इस योजना में शामिल किया जाता है तो उत्तर प्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश बन जाएगा, जहां इस आयु वर्ग के सेवानिवृत्त पत्रकारों को यह सुविधा मिलेगी।
अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।


