– हाजी सूफी फरमान के नेतृत्व में हुआ अकीदत भरा आयोजन, कव्वाली की धुन पर वज्द में झूमे हाजी सूफी सईद हसन।
मथुरा। शहर के राधेश्याम कालोनी में शुक्रवार को हजरत गौस-ए-आजम की याद में एक शानदार और रूहानी महफिल-ए-शमा उर्स मुबारक का आयोजन किया गया। इस अकीदत भरी महफिल की अगुवाई हाजी सूफी फरमान ने की। देर शाम शुरू हुई यह महफिल पूरी रात सूफियाना रंग में रंगी रही।
इस उर्स मुबारक का मुख्य आकर्षण देश की दो मशहूर कव्वाल पार्टियों की हाजिरी रही।
कलियर शरीफ से आई साबरी एण्ड पार्टी ने अपने सूफियाना अंदाज में कलाम पेश किए। उनके द्वारा पेश किए गए “या गौस अल मदद” और “मनकुनतो मौला” कलाम पर हर कोई झूम उठा।
वहीं, दिल्ली से आई निजामी एण्ड पार्टी ने अपने अलग और बुलंद अंदाज में सूफिया कलाम पेश कर लोगों का मन मोह लिया। दोनों पार्टियों ने बारी-बारी से एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर महफिल को ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। ढोलक-तबले और हारमोनियम की थाप पर पूरी महफिल “हक हू” के नारों से गूंज उठी।
इस दौरान एक बेहद रूहानी मंजर देखने को मिला, जब कव्वाली की मस्त धुन पर हाजी सूफी सईद हसन अचानक वज्द की कैफियत में आ गए और झूमने लगे। उन्हें वज्द में देखकर मौजूद अकीदतमंदों ने “सुभान अल्लाह, सुभान अल्लाह” के नारे बुलंद किए।
वज्द की कैफियत के बाद हाजी सूफी सईद हसन ने हजरत गौस-ए-आजम की शान में खुसूसी बयान किया। उन्होंने हजरत की जिंदगी, उनके दिखाए नेक रास्ते और इंसानियत के पैगाम पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस मौके पर सूफी सईद हसन, हाजी सूफी फ़रमान, सूफी मिर्ची वाले बाबा, बसीम खान, शाहिद कुरैशी आदि बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग, अकीदतमंद और जायरीन मौजूद रहे। अंत में सभी के लिए लंगर का भी आयोजन किया गया।


