•अन्नपूर्णा और समृद्धि का प्रतीक जौ के जवारे कर्ण पर रखकर नकारात्मक विचारों से रक्षा का संकल्प लिया गया।
मुरादाबाद। बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयादशमी दशहरा का त्योहार ग्रामीण क्षेत्र बहेड़ी ब्रह्मनान, धारकनंगला, हिमाँयुपुर,मनकुआ मकसूदपुर, जटपुरा, भोजपुर, सिडलऊ नजरपुर, कालाझांडा, बोबदवाला, वाकरपुर अटायन नगरीय क्षेत्र मुरादाबाद ठाकुरद्वारा आदि में बड़े ही धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।
धार्मिक एवं व्यवसायिक परम्परानुसार शुभ मुहूर्त में ब्राह्मण समाज में वेद,पुराण पौथा पत्री आदि धार्मिक ग्रन्थों वणिक समाज में तराजू, वाट, लेखावही, क्षत्रिय समाज में अस्त्र-शस्त्र एवं चित्रगुप्त वंशजों ने लेखनी आदि का विधि-विधान से पूजन किया गया । बहनों ने अपने भाईयों एवं पुरूष सदस्यों का रोली कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाकर उनके दाहिने कर्ण पर जौं के जवारे रखकर सुख समृद्धि की मंगलमय कामना की।
इस अवसर पर पुरूषोत्तम श्रीराम एवं हनुमान की आराधना कर हनुमान चालीसा, सुन्दरकाण्ड आदि का पाठ किया गया । विभिन्न स्थानों पर धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किये जा रहे हैं ।
समाचार लिखे जाने तक रावण दहन का भव्य आयोजन देखने के लिए श्रद्धालुओं और आम जनता की भारी भीड़ उमड़ रही है । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जयकारों और आतिशबाजी की गूंज के बीच रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किये जाने की तैयारियां की जा रही है ।
शिक्षाविद पं.राधेश्याम शर्मा ने विजयादशमी के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व हमें समाज से बुराइयों को समाप्त करने और सच्चाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
इस दौरान सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए हैं ।


