•श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद के हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में दिया गया दुनिया के हिंदुओं को संदेश।
•वृंदावन की भूमि से आज की गई शुरुआत, चिंतामणिकुंज से इस्कॉन मंदिर तक निकाली गई श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति संकल्प दीप ज्योति यात्रा
•बड़ी संख्या में साधु-संत, ब्रजवासी और श्रद्धालु हुए शामिल।
वृंदावन( मथुरा)। दुनिया भर के लाखों करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक, सांस्कृतिक चेतना के केंद्र मथुरा पर औरंगजेब ने सोलह सौ सत्तर में आक्रमण कर यहां के मंदिरों को तहस नहस कर दिया था। चुन-चुनकर हिंदुओं की हत्या की और नगरवासियों में दहशत फैलाकर भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मंदिर के मूल गर्भगृह स्थल तोड़कर उस के ऊपर गुम्बद बनवाकर मस्जिद का का निर्माण करवा दिया था।
इसी मस्जिद को हटाकर पुनः वहां एक भव्य मंदिर निर्माण कराने की मांग को लेकर सर्वप्रथम न्यायालय की शरण में जाकर कानूनी जंग छेड़ने वाले हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की अगुवाई में वृंदावन के चिंतामणिकुज से हिंदुओं को जागृत कर आंदोलन को धार देने के लिए एक विशाल संकल्प दीप ज्योति यात्रा का शुभारंभ किया गया।
इसकी जानकारी देते हुए श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष श्री सिंह ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि के जिस भाग पर विदेशी बाहरी दरिंदे औरंगजेब ने मस्जिद का निर्माण कराया था वह भूमि दुनिया के हिंदुओं को वापस चाहिए। हमारे पूर्वज और हिंदुओं के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में कहां और किस स्थान पर हुआ था, इसके ठोस पुख्ता साक्ष्य हमने अदालत में प्रस्तुत किए हैं और जगह-जगह जाकर हिंदुओं को इसकी जानकारी भी दे रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि शाही ईद मस्जिद विवाद का विषय घर-घर तक पहुंचे, इसके लिए हिंदू चेतना यात्रा, चलो गांव की ओर, वाहन, पैदल यात्रा, ब्रज चौरासी कोस जेन जी सम्मेलन जैसे कई बड़े आंदोलन पहले से जारी है।
इसी क्रम में आज ठाकुर बांके बिहारी के धाम में स्थित चिंतामणि कुंज से इस्कॉन मंदिर तक दीप यात्रा निकाली गई। हमारी कोशिश होगी कि कार्तिक मास में होने वाले दीपदान के दीपों से में एक दीप हर हिंदू के घर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के संकल्प का जले।
उन्होंने बताया कि इसको अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। स्पेन, जर्मनी, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, आस्ट्रिया समेत अन्य देशों के सहयोगियों ने से इस संबंध में वार्ता पहले ही हो चुकी है। कार्तिक मास में विदेशों में भी दीप जलाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का कृष्ण भक्त संकल्प लेंगे।
संत गोविंदानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि सातों की शक्ति सामान्य नहीं होती है। जब संत खड़े होते हैं तब बड़ी बड़ी शक्ति झुक जाती है। उन्होंने कहा कि आज जो संकल्प दीप यात्रा निकाली गई है, वह दीप सामान्य नहीं है। यह ज्योति और शक्ति के रूप में हमारे सामने है। इससे विश्व भर में एक संदेश जाएगा कि जल्द श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्त होने वाली है।
उन्होंने कहा कि सभी एक कृष्ण दीप जला कर हम सब मिलकर महेंद्र प्रताप को मजूबत करना होगा। जल्द ही सफलता मिलेगी। संत बलराम बाबा ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि हमारे सनातन की भूमि है। इस पर अनर्गल कब्जा किया गया है। यह हटना चाहिए। परमहंस स्वामी सुरेशानंद महाराज ने भी श्री कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने के लिए निकाली गई श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दीप ज्योति यात्रा का समर्थन करते हुए एक स्वर में हिंदुओं से अपने अपने घर में एक संकल्प दीप जलाने का का आव्हान किया।
भगवताचार्य वर्षा जी ने कहा कि आज हम अपने भगवान के लिए खड़े होते हैं तो बड़ा सुंदर विषय है। आज आश्चर्य इस बात का कि आज हमको अपने हक के लिए लड़ रहे हैं। जहां मूल गर्भ से स्थल है वहां भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर निर्माण होने वाला है।
स्वामी शिवचन्द्रानंद महाराज, स्वामी गौरव दास, महाराज, महामंडलेश्वर कृष्णानन्द जी महाराज चिंतामणि कुंज के महामंडलेश्वर डॉ आदित्यंनद जी महाराज ने कहा कि अब समय आ गया है कि भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर कब्जाई गए मूल गर्भ गृह स्थल को खाली कराने के लिए हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट की अगुवाई में चल रहे आंदोलन को मजबूत करना होगा।
संत देवानंद वन महाराज ने कहा कि हमारे भगवान का मंदिर है। मस्जिद हटानी चाहिए और वहां भव्य मंदिर का निर्माण होना चाहिए। संत दशरथदास महाराज ने कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मामले में जल्द फैसला आए और हिंदुओं के आराध्य भगवान श्रीकृष्ण का कब्जाए गए गर्भ गृह स्थल पर पुनः भव्य दिव्य मंदिर बने। स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज ने कहा कि अयोध्या की भांति मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की जन्म भूमि पर पुनः मंदिर बने, इसके लिए हिंदुओं को जागरूक होकर युद्ध स्तर पर संघर्ष करना होगा।
इस मौके पर रघुवीर दास, भक्त दास, योगेंद्र दास महाराज, रमाकांत शरण, यशवर्धनाचार्य महाराज, अक्षयददास महाराज, कुंवर अशोक प्रताप सिंह, फिल्म डायरेक्टर विजय पाल सिंह, फिल्म पटकथा लेखक आदेश को अर्जुन, प्रदीप शर्मा आदि मौजूद रहे।


