•बीईओ और बीएसए को फोन पर गाली-गलौज करने का आरोप, नंदगांव व फरह के खंड शिक्षा अधिकारियों को सौंपी गई जांच।
मथुरा। अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार और फोन पर गाली-गलौज करने के आरोप में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने प्राथमिक विद्यालय सैंहा, विकासखंड गोवर्धन के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें बीआरसी नौहझील से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी नंदगांव और फरह को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से 31 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक, खंड शिक्षा अधिकारी गोवर्धन ने 30 अक्टूबर को पत्र भेजकर प्रभारी प्रधानाध्यापक विनोद कुमार के खिलाफ अधिकारियों से अभद्र व्यवहार की शिकायत की थी। आरोप है कि 29 अक्टूबर की रात करीब नौ से दस बजे के बीच शिक्षक ने फोन कर खंड शिक्षा अधिकारी के साथ गाली-गलौज की। इस दौरान चयन वेतनमान नहीं लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए स्थानीय और राजनीतिक प्रभाव का हवाला देकर दबाव बनाने का प्रयास किया।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित शिक्षक ने रात करीब 11 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी कई बार फोन किया और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि वह नशे की हालत में था और लगातार फोन कर रहा था। इससे परेशान होकर अधिकारी को संबंधित मोबाइल नंबर ब्लॉक करना पड़ा।
बीएसए ने इस मामले को कर्मचारी आचरण नियमावली का गंभीर उल्लंघन मानते हुए प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की है।
एक माह में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश
प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी नंदगांव और फरह को संयुक्त जांच अधिकारी नामित किया गया है। उन्हें संबंधित शिक्षक के विरुद्ध आरोप पत्र जारी कर एक माह के भीतर साक्ष्यों सहित जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।


