सिद्धार्थनगर। वैश्विक परिस्थितियों और डीजल आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच जिले में डीजल के संग्रहण की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। खासकर किसान वर्ग बड़ी मात्रा में डीजल खरीदकर भंडारण करने की कोशिश कर रहा है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन ने लोगों से अपील किया कि अफवाहों पर ध्यान न देने और आवश्यकता के अनुसार ही डीजल खरीदने की बात कही है।
जिलाधिकारी ने कहा कि डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ का अनियंत्रित और अवैध संग्रहण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे किसी भी समय गंभीर अग्निकांड या अन्य बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना निर्धारित अनुमति के बड़ी मात्रा में डीजल का भंडारण करना पेट्रोलियम अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है, जिसके खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।
उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों से सूचना मिल रही है कि आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के चलते लोग आवश्यकता से अधिक डीजल खरीदकर अपने घरों और खेतों पर जमा कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति न केवल कृत्रिम संकट उत्पन्न कर सकती है, बल्कि अन्य उपभोक्ताओं, विशेषकर जरूरतमंद किसानों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है। आमजन को किसी प्रकार की घबराहट में आने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से डीजल का संग्रहण करते हुए पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और ईंधन संबंधी किसी समस्या की जानकारी तत्काल प्रशासन या पूर्ति विभाग को दें।
जिलाधिकारी ने समस्त उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी को निर्देश दिया है कि पेट्रोल पम्पों का सतत निगरानी करते रहें ऐसे लोगों को चिन्हित करते हुए कार्यवाही करें जो लोग दुरूपयोग की नीयत से डीजल/ पेट्रोल का संग्रहण कर रहे हैं।