•अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने पदाधिकारियों को सौंपे दायित्व, सनातन संस्कृति और राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान।
प्रयागराज। गंगा, यमुना और सरस्वती की त्रिवेणी की धरती प्रयागराज में अखिल भारतीय हिंदू महासभा की ओर से उच्च न्यायालय क्षेत्र स्थित ओम साईं की रसोई रेस्टोरेंट में सोमवार को मनोनयन पत्र वितरण एवं स्वागत-अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद, दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ से हुआ।















कार्यक्रम में राष्ट्रीय संरक्षक एवं गौ रक्षा प्रभारी अधिवक्ता आलोक मिश्र ‘आजाद’, राष्ट्रीय संयोजक एवं प्रभारी अधिवक्ता अनिल जी, प्रदेश अध्यक्ष मुख्य मोर्चा शैलेंद्र अग्निहोत्री, प्रदेश अध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ एडवोकेट अन्नपूर्णा सिंह चंदेल, प्रदेश अध्यक्ष व्यापार प्रकोष्ठ रमेश केसरवानी, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा सुष्मिता सेठ, राष्ट्रीय संयोजक विधि प्रकोष्ठ कंचन सिंह तथा प्रदेश अध्यक्ष संत प्रकोष्ठ महंत जगदीश्वर दास जी महाराज सहित अन्य पदाधिकारी मंचासीन रहे।
समारोह में प्रदेश महासचिव महिला मोर्चा अधिवक्ता ललिता साहू की भी उपस्थिति रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बाल कवि कीर्ति वर्धन मिश्र ने शिव तांडव स्तोत्र का वाचन किया। सुश्री तन्वी ने वीर रस की कविता तथा सुश्री शिवानी ने संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय के संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. पीयूष त्रिपाठी ने काव्य पाठ से कार्यक्रम को साहित्यिक रंग प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक एवं कवि डॉ. पुष्कर प्रधान ने किया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ सम्मान
समारोह में सावित्री मिश्रा जिला संयोजक प्रयागराज, स्मृति शुक्ला प्रदेश महासचिव विधि प्रकोष्ठ, वंदना सिंह जिला अध्यक्ष अयोध्या विधि प्रकोष्ठ, पवन कुमार रस्तोगी मीडिया प्रभारी विधि प्रकोष्ठ, मोहित मिश्र तहसील अध्यक्ष विधि प्रकोष्ठ, बाबू अशोक सिंह प्रभारी उत्तर प्रदेश विधि प्रकोष्ठ, सुशील पाठक जिला अध्यक्ष प्रतापगढ़, संदीप सिंह मंडल अध्यक्ष वाराणसी, अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव विधि सलाहकार रायबरेली, पंकज कुमार श्रीवास्तव राष्ट्रीय सचिव युवा मोर्चा और नीरज जायसवाल नगर अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए संगठित होकर कार्य करने का आह्वान

अखिल भारतीय हिंदू महासभा में प्रदेश अध्यक्ष संत प्रकोष्ठ महंत जगदीश्वर दास जी महाराज ने कहा कि संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को राम और राष्ट्र के प्रति समर्पित होकर कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में विश्राम के बजाय निरंतर सेवा और समाजहित का भाव होना चाहिए। किसी पद के साथ अधिकार से अधिक जिम्मेदारी जुड़ी होती है। पदाधिकारियों को निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, राष्ट्रहित तथा समाज सेवा के लिए कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के प्राचीन धार्मिक स्थलों और मंदिरों से जुड़े ऐतिहासिक एवं धार्मिक विषयों पर समाज में जागरूकता आवश्यक है। हिंदू समाज को अपनी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक विरासत के संरक्षण के लिए हिन्दूओं को एक सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने संगठन के माध्यम से सामाजिक एकता और सनातन मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ के भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश

अखिल भारतीय हिंदू महासभा की प्रदेश अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ (महिला) एडवोकेट अन्नपूर्णा सिंह चंदेल ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, अस्मिता और राष्ट्र के प्रति समर्पण के संकल्प का प्रतीक है। ‘धर्मो रक्षति रक्षितः’ का भाव हमें यह प्रेरणा देता है कि हम धर्म, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें।
उन्होंने कहा कि जब-जब देश की संस्कृति, परंपराओं और राष्ट्रीय मान-बिंदुओं पर संकट आया, तब-तब हमारे महापुरुषों ने समाज का मार्गदर्शन किया।
एडवोकेट चंदेल ने कहा कि आज का समय केवल उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और दृढ़ संकल्प लेने का है। वर्तमान समय में हमारे सामने अनेक सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक चुनौतियां हैं। सनातन धर्म, उसकी मान्यताओं, ग्रंथों और परंपराओं को लेकर होने वाली आलोचनाओं का उत्तर हमें संयम, तथ्यों और वैचारिक दृढ़ता के साथ देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के कारण हिंदू समाज में विभाजन पैदा होता है। हमें समझना होगा कि सामाजिक समरसता और संगठन ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। किसी भी प्रकार के भेदभाव से ऊपर उठकर समाज के प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर चलना आवश्यक है।
उन्होंने युवा पीढ़ी को भारतीय इतिहास, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से परिचित कराने को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जिस युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों और विरासत का ज्ञान होगा, वही राष्ट्र के भविष्य को मजबूत आधार दे सकेगी।
अन्नपूर्णा सिंह चंदेल ने पदाधिकारियों से संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करते हुए राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
इनकी रही मौजूदगी
समारोह में प्रयागराज से अनिता सिंह, वंदना सिंह एडवोकेट, ललिता साहू एडवोकेट, स्मृति शुक्ला एडवोकेट, पंकज श्रीवास्तव, स्नेहलता सिंह, सावित्री मिश्रा, डॉ. अभिषेक केसरवानी, केके केसरवानी और शिवानी मौर्या सहित अन्य लोग मौजूद रहे। रायबरेली से राजेश कुमार श्रीवास्तव, बब्बी शुक्ला और राजेश कुमार सिंह तथा प्रतापगढ़ से तनु मिश्रा, भुवाल पाठक, सुभाष सैनी, प्रमोद पाण्डेय, विशाल पाण्डेय और धीरज पाण्डेय उपस्थित रहे।
इसके अलावा मुकेश, डॉ. पीयूष मिश्र, विवेक कुमार मिश्र, राघवेन्द्र सिंह, अजय श्रीवास्तव, शशि भूषण, सुमित, अजीत, धर्मराज सिंह, सिद्धार्थ, अश्विनी, शुभम, कौशल, जयन्ती मां, मणिकर्णिका मां सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। भाजपा से विजय सिंह और रवि केसरवानी भी मौजूद रहे।