रिपोर्ट: विजय नागपाल ।
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर मंदिरों के आसपास भोग-प्रसाद की दुकानें लगाने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की ‘नो एंट्री’ की मांग को लेकर फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। पत्र में उन्होंने जन्माष्टमी के दौरान मंदिरों के आसपास प्रसाद की दुकानों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी करने की मांग की है।
फलाहारी महाराज ने पत्र में कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देश-विदेश से करोड़ों कृष्ण भक्त मथुरा-वृंदावन पहुंचते हैं और मंदिरों में दर्शन कर अपने आराध्य को भोग-प्रसाद अर्पित करते हैं। सनातन परंपरा में भगवान को अर्पित किए जाने वाले भोग-प्रसाद की शुद्धता और पवित्रता का विशेष महत्व माना जाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों के आसपास कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर अथवा भेष बदलकर प्रसाद की दुकानें लगाते हैं। पत्र में दावा किया गया है कि ऐसे दुकानदारों द्वारा स्वच्छता और धार्मिक परंपराओं का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जाता। फलाहारी महाराज ने विशेष रूप से मुस्लिम दुकानदारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी धार्मिक मान्यताएं और खान-पान की आदतें सनातनी परंपराओं से अलग हैं, इसलिए उन्हें मंदिरों के आसपास भोग-प्रसाद की दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
पत्र में श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर को लेकर भी मुस्लिम समुदाय पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पवित्र पर्व के दौरान मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास केवल निर्धारित एवं सत्यापित दुकानदारों को ही प्रसाद की दुकान लगाने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से धार्मिक स्थलों की पवित्रता एवं सनातनी परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक आदेश जारी करने की अपील की है। फलाहारी महाराज ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हिंदू समाज के गौरव हैं और उनसे इस मामले में महत्वपूर्ण निर्णय की अपेक्षा है।
