श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एवं श्री प्रभुपाद की 130वीं व्यासपूजा पर होंगे विशेष धार्मिक आयोजन।

Vijaydoot News

मथुरा-वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026 के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही श्री प्रभुपाद की 130वीं व्यासपूजा भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। दोनों अवसरों पर आरती, गुरु पूजा, भजन, कीर्तन, प्रवचन, भगवान का महाभिषेक और विशेष भोग अर्पण सहित विभिन्न कार्यक्रम होंगे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दिनभर होंगे धार्मिक आयोजन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 7:00 बजे श्री प्रभुपाद समाधि दर्शन आरती से होगी। इसके बाद 7:15 बजे श्री प्रभुपाद गुरु पूजा तथा 7:30 बजे नवीन पोशाक में भगवान के विग्रहों का दर्शन होगा।

सुबह 8:00 से 10:00 बजे तक “भगवान श्रीकृष्ण की महिमा” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा। अंग्रेजी भाषा में एच. जी. पंच गौड़ प्रभु एवं एच. जी. श्रुतकीर्ति प्रभु तथा हिंदी भाषा में एच. एच. प्रबोधनंद सरस्वती स्वामी एवं एच. एच. वृंदावन चंद्र दास गोस्वामी द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया जाएगा।

इसके बाद सुबह 11:00 बजे राजभोग अर्पण और दोपहर 12:00 बजे राजभोग आरती होगी। दोपहर 1:00 बजे मंदिर बंद रहेगा। शाम 4:30 बजे पुष्प पोशाक में उत्थापन आरती, शाम 7:00 बजे संध्या आरती और रात 8:30 बजे शयन आरती होगी।

रात 10:00 बजे श्री श्री कृष्ण बलराम एवं श्री श्री राधा-श्यामसुंदर तथा ललिता-विशाखा देवी का महाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रात 11:00 बजे महाभोग अर्पण और रात 11:30 बजे कृष्ण हॉल में एकादशी प्रसाद की व्यवस्था होगी। मध्यरात्रि 12:00 बजे नवीन पोशाक में महाआरती होगी। जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालु मध्यरात्रि तक उपवास रखेंगे।

श्री प्रभुपाद की 130वीं व्यासपूजा पर विशेष कार्यक्रम

श्री प्रभुपाद की 130वीं व्यासपूजा के अवसर पर भी दिनभर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह 7:00 बजे श्री प्रभुपाद समाधि दर्शन आरती, 7:15 बजे भगवान के विग्रहों का दर्शन और 7:30 बजे श्री प्रभुपाद गुरु पूजा होगी।

सुबह 8:00 बजे से भजन, श्री प्रभुपाद का प्रवचन तथा इसके बाद उनके शिष्यों द्वारा श्री प्रभुपाद की महिमा का गुणगान किया जाएगा।

कार्यक्रम में सुबह 11:00 बजे महाभोग अर्पण, दोपहर 12:00 बजे राजभोग आरती, 12:45 बजे पुष्पांजलि एवं गुरु पूजा तथा 1:15 बजे श्री प्रभुपाद की आरती होगी। इसके बाद 1:30 बजे कृष्ण हॉल में महाभोज का आयोजन किया जाएगा।

शाम 4:30 बजे उत्थापन आरती होगी। इसके बाद शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक श्री प्रभुपाद के घर में विभिन्न भक्तों द्वारा भजन एवं कीर्तन किया जाएगा। शाम 7:00 बजे संध्या आरती और रात 8:30 बजे शयन आरती होगी। व्यासपूजा के अवसर पर श्रद्धालु दोपहर तक उपवास रखेंगे।

इन दोनों प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहेगा। दिनभर होने वाले पूजा, आरती, भजन, कीर्तन, आध्यात्मिक प्रवचन, महाभिषेक और विशेष भोग अर्पण के कार्यक्रम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।