•मंत्री नंदी बोले- बड़ी संख्या में बच्चों ने कुपोषण को पीछे छोड़कर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ाया कदम
प्रयागराज। राजश्री मंडपम में मंगलवार को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार तथा महिला कल्याण विभाग की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में औद्योगिक विकास, निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सैम (SAM) और मैम (MAM) श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों, उनके अभिभावकों तथा संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री नंदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अयोध्या में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे मौजूद लोगों ने देखा और सुना।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के योगदान की सराहना
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने सैम/मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति प्राप्त करने वाले बच्चों की देखभाल और उन्हें स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने बड़ी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है, जिसका सकारात्मक असर धरातल पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बच्चों ने कुपोषण को पीछे छोड़कर स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाया है और इसमें आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बच्चों को कुपोषण से मुक्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
आंगनबाड़ी केंद्र अब पोषण के साथ सर्वांगीण विकास के केंद्र
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र अब केवल पोषण वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की देखभाल और सामाजिक जागरूकता के प्रभावी केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं।
उन्होंने नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को शुभकामनाएं देते हुए पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ दायित्व निभाने का आह्वान किया।
22 परियोजनाओं में संचालित हैं 4499 आंगनबाड़ी केंद्र
जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह ने बताया कि प्रयागराज में 22 परियोजनाओं के माध्यम से कुल 4499 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इनके माध्यम से गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल देखभाल की समेकित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पोषण ट्रैकर, बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की निगरानी और पोषण अभियान से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय 12 हजार और सहायिकाओं का 6 हजार
कार्यक्रम में बताया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय बढ़ाकर 12,000 रुपये तथा सहायिकाओं का 6,000 रुपये किया गया है। इसके अलावा उन्हें पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा, देय धनराशि का डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरण और स्मार्टफोन जैसी सुविधाओं से भी सुदृढ़ किया गया है।
20 बच्चों और उनके अभिभावकों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान सैम/मैम श्रेणी से सामान्य पोषण श्रेणी में आए 20 बच्चों, उनके अभिभावकों और संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानित किया गया। बच्चों को पोषण किट भी प्रदान की गई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जनपद की आठ तहसीलों के विकासखंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने मुख्यमंत्री के संबोधन का सजीव प्रसारण देखा और सुना। इन कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 115 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।
होम्स के उत्कृष्ट बच्चों और अधीक्षिकाओं का भी सम्मान
महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित होम्स में उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त करने वाले बच्चों और अधीक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने बताया कि अयोध्या में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान राजकीय बाल गृह बालिका की पर्यवेक्षक नीतू सिंह यादव को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
वहीं प्रयागराज में आयोजित कार्यक्रम में राजकीय महिला शरणालय की सहायक अधीक्षिका मिथिलेश पाल और राजकीय बाल गृह शिशु की प्रभारी अधीक्षिका डॉ. प्रज्ञा सिंह को उनके सराहनीय कार्यों के लिए मंत्री नंदी ने सम्मानित किया।
राजकीय बाल गृह शिशु में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे छह बच्चों को भी अच्छे अंक प्राप्त करने पर प्रोत्साहन पत्र, उपहार और स्नैक्स का पैकेट देकर सम्मानित किया गया।
सीडीओ ने कहा- योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना लक्ष्य
मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और बच्चों के प्रारंभिक विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, प्री-स्कूल शिक्षा और जनजागरूकता गतिविधियों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित किया जाए। साथ ही लाभार्थियों का नियमित सत्यापन कर पात्र लोगों को योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, परियोजना निदेशक भूपेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी जीपी कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, सहायिकाएं और बच्चे मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया।


