रिपोर्ट: मनोज अग्रहरि
मीरजापुर। पद्मविभूषण संगीत-संत पं. छन्नूलाल मिश्र की प्रथम पुण्यतिथि पर सिटी क्लब, सिविल लाइंस, रमईपट्टी में आयोजित ‘संगीत-संत स्मृति अलंकरण समारोह एवं संगीत संध्या’ सुरों और श्रद्धा का संगम बन गया।
पं. छन्नूलाल मिश्र काशी संगीत न्यास, वाराणसी एवं नम्र सेवा संस्थानम्, मीरजापुर के संयुक्त तत्वावधान में उनकी सुपुत्री एवं शिष्या प्रो. नम्रता मिश्रा द्वारा आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जगत की विभूतियों की उपस्थिति रही।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित श्री माँ विंध्यवासिनी मंदिर के
प्रधान अर्चक एवं संस्कृत श्रवण वेद पाठशाला के प्रबंधक आचार्य अगस्त्य कुमार द्विवेदी को मंच पर अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
वैदिक परंपरा और विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में उनके योगदान को आयोजकों ने नमन किया।
समारोह की मुख्य अतिथि माँ विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. शोभा गौड़ रहीं। उन्होंने कहा कि पं. छन्नूलाल मिश्र ने बनारस घराने को वैश्विक पहचान दी। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रेरणा देते हैं।
इस अवसर पर तबला वादक पंचम राम, बिरहा गायक बद्री यादव और पत्रकार आशुतोष दुबे को 5100 रुपये और ‘संगीत-संत स्मृति अलंकरण’ से सम्मानित किया गया। संगीत संध्या में कथक, सितार जुगलबंदी और ‘खेले मसाने में होली’ की भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहनलाल श्रीमाली, सदर विधायक रत्नाकर मिश्र, नगर पालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर केशरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


