रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। जिला कांग्रेस कमेटी सेठबाड़ा स्थित कार्यालय पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मथुरा पर्यवेक्षक श्री आबिद कश्मीरी जी, जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ,पंडित श्याम सुंदर शर्मा (पूर्व मंत्री), यामिनी रमन आचार्य (वरिष्ठ नेता कांग्रेस) मथुरा द्वारा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश के सामने यह मुद्दा किसी भी एक चुनावी प्रक्रिया से कहीं बड़ा है मूल प्रश्न यह है कि क्या प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग कर सकता है और क्या चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी में स्पष्ट और जवाबदेह है।
श्री कश्मीरी ने कहा कि कांग्रेस ने लगातार मतदाता सूची में नाम जोड़ने हटाने फर्जी डुप्लीकेट पंजीकरण चुनावी डाटा की पारदर्शिता एवं और वीवी पेट की कार्य प्रणाली तथा चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जोर दिया कि इन चिंताओं का समाधान राजनीतिक इनकार के बजाय तथ्यों सत्यापन योग्य डाटा और संस्थागत जवाब देही के माध्यम से किया जाना चाहिए।
श्री राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का संदर्भ देते हुए श्री कश्मीरी ने कहा कि कांग्रेस ने निर्वाचन क्षेत्र वार डेटा और पिछले चुनावों की तुलना में लगातार जनता के सामने रखी हैं।
उन्होंने महाराष्ट्र का उल्लेख किया जहां 2024 लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए जबकि पिछले 5 वर्षों में 32 लाख जुड़े थे कांग्रेस की मांग है की पारदर्शी और मशीन पठनीय डेटा उपलब्ध कराया जाए ताकि नागरिक और राजनीतिक दल स्वतंत्र रूप से इसकी जांच कर सकें।
उन्होंने बेंगलुरु सेंट्रल के महादेवपुरा क्षेत्र में श्री राहुल गांधी द्वारा 7 अगस्त 2025 को प्रस्तुत विश्लेषण का संदर्भ दिया जिसमें डुप्लीकेट प्रविष्टियां और फॉर्म 6 के दुरुपयोग से 1,00,250 वोट प्रभावित होने का आरोप लगाया गया था। हमारी मांग सरल है।
श्री कश्मीरी ने कहा के कांग्रेस ने हरियाणा और कर्नाटक के आलंद में भी मतदाता सूची से नाम हटाने के प्रयासों पर सवाल उठाए हैं, मुख्य मांग यह है की चुनाव आयोग उपयोग योग्य डिजिटल प्रारूप में उत्तर दे और बताएं कि नाम कैसे जोड़े या हटाए जाते हैं।
सितंबर 2026 की मीडिया रिपोर्ट का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा जताई गई आंतरिक आपत्तियों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि देश की जनता सब जान सके।
उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया के तहत 30 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राफ्ट सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए किसी भी पात्र नागरिक का अधिकार प्रशासनिक जटिलता के कारण नहीं छिनना चाहिए।
श्री आबिद कश्मीरी ने कहा कि कांग्रेस का रुख पूरी तरह स्पष्ट है और पार्टी की मुख्य मांगे निम्न है
1- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का तत्काल इस्तीफा लिया जाए ।
2- एस ए आर प्रक्रिया को तुरंत निलंबित स्थगित किया जाए।
3- हटाए गए 13.3 करोड़ नामों को पुनः मतदाता सूची में बहाल किया जाए।
4- मतदाता सूची की विसंगतियों की समय बाद और स्वतंत्र जांच कराई जाए।
5- नामावलियों में किए गए सभी प्रमुख बदलावों का पूर्ण खुलासा किया जाए।
6- राजनीतिक दलों को डिजिटल और उपयोग योग्य प्रारूप में डाटा मुहैया कराया जाए।
7- नाम हटाने से पूर्व संबंधित मतदाता को स्पष्ट लिखित सूचना दी जाए।
8- प्रभावित नागरिकों को नाम बहाली हेतु निष्पक्ष अपील का अवसर मिले।
वोट केवल मतदाता सूची में एक प्रविष्टि नहीं बल्कि नागरिक की आवाज और लोकतंत्र की नींव है यदि पत्र नागरिक को रोका गया तो लोकतंत्र कमजोर होगा वोट बचाओ देश बचाओ अभियान हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का अभियान है। संचालन जिला महासचिव मनोज गौड़ ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्व श्री पूर्व अध्यक्ष विक्रम बाल्मीकि राजन पाठक जिला उपाध्यक्ष आदित्य तिवारी के के गौतम बालवीर प्रधान पुनीत बघेल रवि वाल्मीकि रमेश कश्यप प्रवीण ठाकुर गीता दिवाकर ठाकुर भगवान सिंह दीपक सिंह निशू यादव अंशु श्रीवास्तव डॉ अशोक सैनी गजानंद चतुर्वेदी अनिल खरे अशोक वाल्मीकि विक्रम सिंह करण वाल्मीकि सुरेश शर्मा राजेश कुमार सहित आदि कांग्रेस जन उपस्थित थे।


