बीकेटी के हरदा गांव पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मिले मुख्यमंत्री, राहत सामग्री वितरित की; फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाने की घोषणा
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ और सीतापुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद लखनऊ के बक्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के ग्राम हरदा पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की तथा उन्हें राहत सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित लोगों का कुशलक्षेम जाना और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता समय से उपलब्ध कराई जाए।
फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी के किनारे तटबंध बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तटबंध को ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और इसके साथ आवागमन के लिए मार्ग भी बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक सर्वे कर तटबंध का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही तटबंध के बाहर वर्षा का पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी और पंपिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को 26 जरूरी वस्तुओं की राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित परिवारों को चावल, आटा, दाल, आलू, तेल, नमक, मसाले सहित 26 आवश्यक वस्तुओं की राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। बच्चों के लिए दूध, गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार तथा पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन परिवारों के घर बाढ़ के कारण असुरक्षित हो गए हैं, उन्हें राहत शिविरों में सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए। शिविरों में बिजली की समस्या होने पर वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जनहानि पर चार लाख रुपये की तत्काल सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने अथवा आकाशीय बिजली से जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को चार लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। बाढ़ और अतिवृष्टि से मकान क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में पात्र परिवारों को आवासीय सहायता उपलब्ध कराने तथा पशुहानि और फसल नुकसान का भी नियमानुसार आकलन कर सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी दिए निर्देश
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध रखने तथा प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल एवं पशु चिकित्सा शिविर लगाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों और प्रभावित गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश देते हुए कहा कि घर छोड़कर राहत शिविरों में पहुंचे परिवारों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए पुलिस, होमगार्ड, पीआरडी और ग्राम चौकीदारों के माध्यम से रात्रि गश्त कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों तक सरकारी सहायता समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जानी चाहिए।


