-पीईटी परीक्षा और दीपावली-छठ पर्व को लेकर डीएम ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई।
रिपोर्ट: मयंक त्रिपाठी।
औरैया। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी-2026) और आगामी दीपावली एवं छठ पर्व को देखते हुए जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिला मजिस्ट्रेट बृजेश कुमार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत 24 अक्टूबर से 23 नवंबर 2026 तक जनपद के संपूर्ण क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
परीक्षा के दौरान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी, जबकि त्योहारों के मद्देनजर जुलूस, सभा, ध्वनि विस्तारक यंत्रों और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी प्रशासन की निगरानी रहेगी।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और एक नवंबर को जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर पीईटी-2026 आयोजित की जाएगी। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 से 300 मीटर की परिधि में साइबर कैफे, फोटो कॉपी और प्रिंटिंग की दुकानें बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों और परिसर में मोबाइल फोन, ब्लूटूथ सहित अन्य संचार उपकरण ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग भी नहीं किया जा सकेगा।
परीक्षा केंद्रों पर रहेगी कड़ी सुरक्षा
परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर रोक लगाने और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच होगी। परीक्षा में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों के पहचान पत्र और अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र ही अधिकृत पहचान के रूप में मान्य होंगे।
बिना अनुमति जुलूस और सभा पर रोक
आदेश के तहत उप जिला मजिस्ट्रेट औरैया, बिधूना अथवा अजीतमल की पूर्व अनुमति के बिना सार्वजनिक स्थानों पर जुलूस या आम सभा आयोजित नहीं की जा सकेगी। शव यात्राओं को प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। किसी नई परंपरा के तहत जुलूस निकालने या नए मार्ग का प्रयोग करने की अनुमति नहीं होगी। सड़क और रेल यातायात बाधित करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। बस और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं।
धार्मिक स्थलों और सोशल मीडिया पर निगरानी
धार्मिक स्थलों पर शस्त्र लेकर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक, व्यावसायिक, शैक्षिक संस्थानों और न्यायालयों के आसपास 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। बिना अनुमति लाउडस्पीकर, ड्रोन कैमरा और देवी-देवताओं या महापुरुषों की मूर्तियां स्थापित करने पर रोक रहेगी। सुरक्षा एजेंसियों को ड्रोन संबंधी प्रतिबंध से छूट दी गई है।
साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली सामग्री प्रसारित करने और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, व्हाट्सएप और टेलीग्राम सहित सोशल मीडिया मंचों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिक कार्रवाई और प्रभावी खंडन किया जाएगा।
पटाखों और विस्फोटक पदार्थों पर भी नहीं किए जा सकेंगे। बिना लाइसेंस तेजाब और विस्फोटक श्रेणी के अन्य पदार्थों का संग्रह प्रतिबंधित रहेगा। शस्त्र एवं शराब की दुकानों पर सतर्क निगरानी रखने, अग्निशमन उपकरणों और वाहनों को तैयार रखने तथा निष्क्रिय फायर हाइड्रेंट दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील स्थलों पर छतों से निगरानी, रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और आवश्यकतानुसार ड्रोन से निगरानी की जाएगी।
उल्लंघन पर होगी विधिक कार्रवाई
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी छोटी घटना को तूल देकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने के प्रयासों पर नजर रखी जाएगी। शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत कार्रवाई होगी। आवश्यकतानुसार आदेश में संशोधन, परिवर्तन या निरस्तीकरण भी किया जा सकेगा।
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से निषेधाज्ञा का पालन करने, दीपावली और छठ पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने तथा पीईटी-2026 परीक्षा के सुचारु संचालन में सहयोग करने की अपील की है।


