•बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण, स्नान कुंड व राम झरोखा के जीर्णोद्धार सहित विद्युत शवदाह गृह बनाने की उठाई मांग।
रिपोर्ट: मयंक त्रिपाठी।
औरैया। यमुना तट पर बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के सुधार और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की मांग को लेकर एक विचित्र पहल सेवा समिति ने शनिवार को जिलाधिकारी बृजेश कुमार को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
समिति अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जनहित में यमुना तट की समस्याओं के निराकरण और सौंदर्यीकरण की मांग उठाई।
शनिवार दोपहर 12:30 बजे ककोर स्थित जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से शिष्टाचार भेंट की।
समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना तट पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 10 अंत्येष्टि स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बदहाल स्थलों के कारण अंत्येष्टि और इसके बाद स्नान आदि धार्मिक क्रियाएं करने में लोगों को परेशानी होती है।
समिति ने मांग की कि यमुना तट स्थित अंत्येष्टि स्थलों का समतलीकरण कराया जाए। क्षतिग्रस्त स्नान कुंड और राम झरोखा का जीर्णोद्धार कराया जाए, ताकि लोगों को आवश्यक धार्मिक क्रियाओं में असुविधा न हो। इसके अलावा धार्मिक पर्वों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्नान और आरती स्थल का निर्माण कराने की मांग भी की गई।
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यमुना तट पर विद्युत शवदाह गृह स्थापित करने तथा जालौन मार्ग पर औरैया और यमुना तट के मध्य पिंडदान स्थल बनवाने का प्रस्ताव भी ज्ञापन में शामिल किया गया।
जिलाधिकारी ने समिति की ओर से संचालित सामाजिक गतिविधियों और जनहित के कार्यों की सराहना की। उन्होंने यमुना तट की समस्याओं के शीघ्र निराकरण तथा कायाकल्प और सौंदर्यीकरण के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता जताई।
इस दौरान अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू), चिकित्सक एलएन गुप्ता, पर्यावरण प्रहरी मनीष पुरवार (हीरू), संजय अग्रवाल, कपिल गुप्ता, कुलदीप बाजपेई और संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


