रिपोर्ट: संजय त्रिपाठी।
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सेमरहना मे सप्तदिवसीय रामकथा के आज छठे दिन की कथा मे संत श्री विजय कौशल जी महाराज द्वारा मुख्य रूप से सुंदरकांड और अशोक वाटिका प्रसंग सुनाया गया महाराज जी जब अपनी संगीतमय वाणी में लंका दहन, विभीषण शरणागति और हनुमान जी के अशोक वाटिका में माता सीता से मिलने के प्रसंग सुनाते हैं, तो श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं।
महाराज जी बताते हैं कि जब हनुमान जी समुद्र लांघकर लंका पहुंचते हैं, तो वहां राम नाम अंकित गृह देखकर विभीषण जी से मिलते हैं। विभीषण के प्रसंग से महाराज जी समझाते हैं कि भगवान कभी कुल या जाति नहीं देखते, वे केवल निष्कपट प्रेम और भक्ति देखते हैं।
हनुमान जी अशोक वाटिका में शोकग्रस्त माता सीता को प्रभु श्रीराम की मुद्रिका (अंगूठी) देते हैं। विजय कौशल जी महाराज इस प्रसंग को समझाते हुए कहते हैं कि हनुमान जी ‘शोक’ का हरण करने वाले हैं, इसलिए वे अशोक वाटिका में उजाला फैलाते हैं।
इसके उपरांत कथा में बाद हनुमान जी द्वारा रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध और रावण की सोने की लंका को भस्म करने का वृत्तांत सुनाया जिस पर पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा।
कथा के श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसाद ग्रहण किया इस अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती इंद्रावती सिंह,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शीतल सिंह ,जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि उपेंद्र प्रताप सिंह, सच्चिदानंद पाण्डेय,शिवेंद्र प्रताप सिंह, वीरेंद्र पाण्डेय ,राहुल सिंह,विनय पाठक एवं भारी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही ।


