भदोही। जनपद भदोही में एशिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय हस्तनिर्मित कालीन व्यापार मेले ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों से संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन हाथों ने सदियों से कालीन बुनने की कला को जीवित रखा है, उनमें अब नई तकनीक और नई डिजाइन का समावेश भी होना चाहिए। सरकार ने कारीगरों के हुनर, कला और उनकी साधना को पहचान दिलाने के लिए प्रयास शुरू किए, जिसके परिणामस्वरूप कालीन उद्योग को नए बाजार और नई डिजाइन के अवसर मिले हैं।
उन्होंने कहा कि भदोही की कालीन कला देश की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा और कारीगरों की मेहनत का प्रतीक है। वैश्विक बाजार में भारतीय कालीनों की पहचान मजबूत करने के लिए तकनीक, डिजाइन, गुणवत्ता और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर आगे बढ़ना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने ‘इंडिया कारपेट एक्सपो’ की 50 वर्षों की गौरवशाली यात्रा से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। उन्होंने कालीन निर्यातकों, विक्रेताओं, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।


