•पुलिस अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर बिजली चोरी के आरोपी से मांगे थे रुपये, दो साइबर ठग गिरफ्तार
रिपोर्ट: मयंक त्रिपाठी।
औरैया। बिजली चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज न कराने के नाम पर 15 हजार रुपये मांगने और पुलिस अधिकारी की पहचान का दुरुपयोग कर साइबर ठगी का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर गैंग में शामिल अन्य व्यक्ति की भी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार 20 अगस्त को ग्राम निगड़ा में विद्युत विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान ओमकांत को बिजली चोरी करते पकड़ा था। इसके बाद 21 अगस्त को विद्युत चोरी निरोधक थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अगले ही दिन ओमकांत के मोबाइल पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए एफआईआर रुकवाने के एवज में 15 हजार रुपये मांगे और भुगतान के लिए व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेज दिया।
कॉल में ट्रूकॉलर पर दरोगा कृष्णकांत प्रजापति का नाम प्रदर्शित हो रहा था, जिससे आरोपी को पुलिस अधिकारी होने का भरोसा दिलाने का प्रयास किया गया। शिकायत मिलने पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
रविवार को मुखबिर की सूचना पर साइबर थाना पुलिस ने ककोर बंबा के पास से कृष्णकांत यादव निवासी ज्योरामोरा, थाना पृथ्वीपुर, निवाड़ी (मध्य प्रदेश) और मोहित यादव निवासी गोवा पश्चिम, थाना पृथ्वीपुर, निवाड़ी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में बीएनएस की धारा 3(5) की बढ़ोतरी कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक साथी ऑनलाइन माध्यमों, जिसमें यूपी कॉप भी शामिल है, से मुकदमों से जुड़े लोगों के नाम, पते और मोबाइल नंबर जुटाकर उन्हें उपलब्ध कराता था। इसके बाद कृष्णकांत और मोहित पुलिस अधिकारी बनकर संबंधित लोगों को फोन करते और मुकदमा सेटिल कराने के नाम पर रकम मांगते थे। रकम क्यूआर कोड के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में मंगाई जाती थी। पुलिस के मुताबिक सिम और बैंक खाते भी लालच देकर दूसरे लोगों से लिए जाते थे।
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार और उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी की टीम ने कार्रवाई की।


