•प्रयागराज में रज्जू भैया विश्वविद्यालय में भव्य आयोजन, 1200 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा; राज्यपाल बोलीं- नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा।
प्रयागराज। प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को ‘पूर्वांचल स्टार्टअप संवाद-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने की। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए कहा कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें और विकसित भारत-2047 के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की नवीन शैक्षिक सुविधाओं का लोकार्पण करने के साथ स्टार्टअप प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने राष्ट्रगीत और विश्वविद्यालय कुलगीत की प्रस्तुति दी। कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया।
नीति और नवाचार से खुलेंगे उद्यमिता के नए रास्ते
विषय प्रवर्तन करते हुए विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर एम. बोबडे ने कहा कि प्रभावी नीतियों के माध्यम से नवाचार और नए विचारों को प्रोत्साहित किया जा सकता है। उन्होंने वाराणसी, अयोध्या और मथुरा जैसे धार्मिक एवं पर्यटन महत्व के शहरों में पर्यटन आधारित स्टार्टअप विकसित करने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। साथ ही पूर्वांचल के SWOT विश्लेषण और विश्वविद्यालय नेटवर्क ‘समर्थ से सामर्थ्य’ की अवधारणा पर विचार रखे।
एकेटीयू लखनऊ के कुलपति प्रो. जय प्रकाश पाण्डेय ने कहा कि एप्पल, गूगल, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे वैश्विक प्लेटफॉर्म की शुरुआत भी स्टार्टअप के रूप में हुई थी। आज ये विश्वस्तरीय पहचान बना चुके हैं। उन्होंने फिजिक्स वाला जैसे स्वदेशी स्टार्टअप का उदाहरण देते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में स्टार्टअप की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
डिजाइन थिंकिंग और नए प्रयोगों पर जोर
तकनीकी सत्र में डॉ. अभय जेरे ने डिजाइन थिंकिंग और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने शोधार्थियों के नए विचारों को प्रोत्साहित करने तथा विश्वविद्यालयों में एक से दो सप्ताह का अनिवार्य डिजाइन थिंकिंग पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होंने ‘फेल अर्ली, फेल फास्ट’ की अवधारणा समझाते हुए कू ऐप की विफलता का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
यूपी स्टार्टअप मिशन के सीईओ सुमित राजेश महाजन ने डीप टेक स्टार्टअप के लिए सीड कैपिटल, प्रोटोटाइप अनुदान, 40 करोड़ रुपये तक के पेशेंस कैपिटल तथा अनुसंधान एवं विकास से जुड़े वित्तीय प्रोत्साहनों की जानकारी दी।
एकेटीयू के इनोवेशन हब के सलाहकार प्रो. एसपी मिश्र ने प्रत्येक कॉलेज और विश्वविद्यालय में इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से अपने स्टार्टअप विचारों के साथ आगे आने का आह्वान करते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
जल संकट और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याओं में छिपे हैं स्टार्टअप के अवसर
समापन सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने गुजरात और महाराष्ट्र में जल संकट के समाधान के लिए किए गए प्रयासों का उदाहरण देते हुए कहा कि समस्याएं ही नवाचार को जन्म देती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने आसपास की समस्याओं को स्टार्टअप के अवसर के रूप में देखें।
उन्होंने पानी, कचरा प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में नए समाधान विकसित करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी कार्य को शुरू करने के बाद आने वाली कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। धैर्य, निरंतरता और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने पर सफलता प्राप्त की जा सकती है।
आइडियाथॉन विजेताओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन, कुलपतियों की गोलमेज बैठक और फिटनेस स्टूडियो का भ्रमण भी किया गया। सिडबी के उप महाप्रबंधक प्रत्यूष मिश्र, निवेशक अमित सिंघल तथा सफल स्टार्टअप संस्थापकों के साथ पैनल चर्चा आयोजित हुई।
समापन अवसर पर आइडियाथॉन के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा एकेटीयू लखनऊ के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में लगभग 1200 प्रतिभागियों, संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों और विश्वविद्यालय के शिक्षकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. गीतांजलि श्रीवास्तव, डॉ. दिव्या द्विवेदी, डॉ. यामिनी एस., वंदना शर्मा एवं डॉ. प्रियंका सक्सेना ने किया। राष्ट्रगान के साथ आयोजन का समापन हुआ।


