-अजीतमल थाना क्षेत्र नवलपुर ब्यौरा गांव का 3 साल पुराना मामला आरोपित पर 30 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया
रिपोर्ट: मयंक त्रिपाठी
औरैया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने थाना अजीतमल क्षेत्र के ग्राम नवलपुर में तीन वर्ष पूर्व दहेज की मांग को लेकर विवाहिता की ससुराल में हुई मौत के मामले का फैसला शुक्रवार को सुनाया। आरोपित संतोष पाल को पत्नी मनीषा देवी की गला दबाकर हत्या करने का दोषी माना व उसे आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया। दोषी पर 30 हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया गया।
मामले की अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अभिषेक मिश्रा ने बताया कि जनपद कानपुर देहात के थाना भोगनीपुर के ग्राम उथरीली निवासी गौरीशंकर पाल ने थाना अजीतमल में दिनांक 09-10-2023 को यह मामला पंजीकृत कराया।
वादी ने लिखा कि उसकी अपनी पुत्री मनीषा देवी की शादी 10 वर्ष पूर्व ग्राम नवलपुर ब्यौरा थाना अजीतमल निवासी संतोष पाल के साथ की थी। शादी के बाद उसके दो बच्चे भी पैदा हुए। शादी के चार-पाँच वर्षों तक सब ठीक-ठाक रहा। उसके बाद आरोप है कि ससुराल वाले उसकी पुत्री से डेढ़ लाख रुपये मायके से लाने का दबाव बनाकर प्रताड़ित करने लगे।
रिपोर्ट में कहा गया कि रुपयों की माँग पूरी न करने पर ससुराल वालों ने 08-10-2023 की रात 10 बजे मनीषा को गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या की सूचना मिलते ही मायके वाले ससुराल नवलपुर पहुँचे तथा हत्या का मुकदमा अजीतमल में पंजीकृत कराया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर पति संतोष पाल के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। यह मुकदमा जिला एवं सत्र न्यायालय में चला तथा शुक्रवार को इसका फैसला सुनाया गया।
इससे पूर्व अभियोजन की ओर से डीजीसी अभिषेक मिश्र ने मकान बनवाने के लिए मायके से डेढ़ लाख रुपये की मांग करने व प्रताड़ित करने के बाद मनीषा को गला दबाकर हत्या करने के दोषी पति को कठोर सजा देने की बहस की।
वहीं बचाव पक्ष ने बचाव पक्ष ने संतोष पाल को गरीब व्यक्ति बताते हुए कहा कि उसके परिवार में 2 छोटे बच्चे व 85 वर्षीय वृद्ध माँ है। अतः उस पर रहम की जाये। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने पति संतोष पाल को पत्नी मनीषा देवी की हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास तथा 30 हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई। अर्थदण्ड अदा न करने पर उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। सजा पाये दोषी संतोष पाल को जिला कारागार इटावा भेज दिया गया।
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