– धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड पर ब्रजरज उत्सव का शुभारंभ, ढोल-नगाड़ों और शहनाई के स्वरों से गूंजा परिसर
– खानपान, हथकरघा, हस्तशिल्प और झूलों के आकर्षणों से गुलजार हुआ मेला परिसर
मथुरा। वृंदावन में सांसद एवं अभिनेत्री हेमा मालिनी की नृत्य नाटिका ‘गंगा’ की प्रस्तुति के बाद शनिवार को धौली प्याऊ स्थित रेलवे ग्राउंड में भी ब्रजरज उत्सव का शुभारंभ हो गया। ब्रज की संस्कृति, लोक परंपराओं, खानपान और हस्तशिल्प के रंगों से सजे उत्सव के पहले दिन भक्ति संगीत और सूफियाना सुरों का अनूठा संगम देखने को मिला। वंदना श्री की शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों और पारंपरिक भजनों ने वातावरण को भक्तिमय बनाया, वहीं सूफी गायक ईशान मिश्रा की सुरीली आवाज ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।




उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ब्रजरज उत्सव का शुभारंभ शनिवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, सांसद हेमा मालिनी, पूर्व राज्य मंत्री रविकांत गर्ग और विधान परिषद सदस्य ठाकुर ओम प्रकाश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर किया।
परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र और सीईओ लक्ष्मी नागप्पन ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
इस दौरान एमवीडीए के सचिव आशीष कुमार सिंह, एसीईओ राजीव पांडेय, डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र , भाजपा नेता जनार्दन शर्मा, नरदेव चौधरी सहित अन्य मौजूद रहे।


ढोल-नगाड़ों की गूंज, शहनाई के स्वरों और लोकनृत्य करते कलाकारों ने अतिथियों का स्वागत किया। रंग-बिरंगी सजावट और पारंपरिक अंदाज में सजे परिसर में उत्सव की रौनक देखते ही बनी। अतिथियों ने मेला परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया और दुकानदारों से बातचीत भी की।
इस मौके पर मुख्य अतिथि चौधरी लक्ष्मी नारायण ने कहा कि ब्रज में वर्षभर जितने पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, उतने कहीं और देखने को नहीं मिलते। इसके बावजूद ब्रजवासियों को ब्रजरज उत्सव का विशेष इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आकांक्षाओं के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है।
सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि ब्रजरज उत्सव का आयोजन पिछले कई वर्षों से हो रहा है। अब देश के प्रख्यात कलाकार भी इसमें भाग लेने के लिए उत्सुक रहते हैं। वह स्वयं भी यहां कई बार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित प्रस्तुतियां दे चुकी हैं। एक दिन पहले उन्होंने मां गंगा पर आधारित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। उन्होंने कहा, “यहां के लिए मैं सांसद बाद में, कलाकार पहले हूं।”
भक्ति संगीत और सूफियाना सुरों ने बांधा समां
सांस्कृतिक संध्या का आगाज प्रख्यात सूफ़ी गायक ईशान मिश्रा ने अपनी गायकी से महफिल में चार चांद लगा दिए। उनकी आवाज ने श्रोताओं को संगीत के रंग में सराबोर कर दिया।भक्ति से लेकर सूफियाना संगीत तक सजी इस सांस्कृतिक शाम में तालियों की गूंज कलाकारों का उत्साह बढ़ाती रही। उनकी प्रस्तुतियों ने ब्रजरज उत्सव के इस दिन को रानी रानी के भजनों से यादगार बना दिया। राधे अलबेली सरकार , राधे राधे जपा करो, एक राधा एक मीरा दिनों में अंतर क्या आदि प्रस्तुतियों ने भक्ति के इस उत्सव में सुफियाना रंग भर दिए।
इसके बाद ब्रज की ख्यातिप्राप्त कलाकार वंदना श्री की प्रस्तुतियों ने भक्ति के रस में उपस्थितजनों को आनंदित कर दिया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और ब्रज संस्कृति पर आधारित शास्त्रीय नृत्य एवं पारंपरिक भजनों के माध्यम से ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत किया।
खानपान से हस्तशिल्प तक, मेले में बिखरे आकर्षणों के रंग
ब्रजरज उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मेला परिसर भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। खानपान के स्टॉलों पर चटपटे व्यंजनों और विभिन्न स्वादों का आनंद लेने के लिए लोगों की आवाजाही लगी रही। वहीं, हथकरघा और हस्तशिल्प के स्टॉलों पर भारतीय कारीगरी, पारंपरिक उत्पादों और सजावटी वस्तुओं की विविधता देखने को मिली। घरेलू उपयोग की वस्तुओं से लेकर हस्तनिर्मित सामान तक की खरीदारी के लिए लोगों में उत्साह नजर आया।
बच्चों और परिवारों के मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले और अन्य आकर्षण मेले की रौनक बढ़ा रहे हैं।
गोकुल गांव की थीम पर सजे परिसर में ब्रज के ग्रामीण जीवन, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिल रही है।
रविवार के कार्यक्रम
– सौरभ राज जैन – मेरे कृष्ण शाम छह बजे, स्वामी हरिदास प्रेक्षाग्रह वृंदावन
– दोपहर 2:30 बजे रीना शर्मा नृत्य गायन, धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड मथुरा
– दोपहर 3:30 बजे मोहनी कृष्ण दासी भजन गायन, धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड मथुरा
– दोपहर 4:30 बजे गिरधर गोपाल शर्मा, लोक नृत्य व गायन, धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड मथुरा
– दोपहर 5:30 बजे प्रशांत चतुर्वेदी, सूफ़ी व भजन गायन, धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड मथुरा


