किशोरों के उज्ज्वल भविष्य को न्यायपालिका की पहल, सम्प्रेक्षण गृह को मिले पांच कंप्यूटर
रिपोर्ट: विजय नागपाल।
मथुरा। किशोर न्याय प्रणाली के अंतर्गत आवासित बालकों के कल्याण, पुनर्वास एवं तकनीकी कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), मथुरा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जनपद न्यायाधीश मथुरा श्री विकास कुमार ने सम्प्रेक्षण गृह का भ्रमण कर DONER & GYROS के सहयोग से पांच डेस्कटॉप कंप्यूटर सिस्टम भेंट किए।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री विकास कुमार ने कहा कि संस्था में आवासित बालकों को सकारात्मक दिशा प्रदान करना शासन और न्यायपालिका की संयुक्त प्राथमिकता है। कंप्यूटर प्रशिक्षण के माध्यम से किशोर आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जुड़ने के साथ रोजगारोन्मुखी कौशल हासिल कर सकेंगे, जिससे उनके सामाजिक पुनर्वास और रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनने की राह आसान होगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती अनीता सिंह ने किशोरों के सर्वांगीण विकास एवं विधिक प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए नियमित प्रशिक्षण सत्र संचालित करने पर जोर दिया। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने सम्प्रेक्षण गृह के परिसर, आवास व्यवस्था, भोजनालय एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
कार्यक्रम में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेलवे सूर्यभान कुमार वर्मा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा परविन्दर सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह के संस्था प्रभारी प्रभाकर सिंह सहित न्यायालय एवं संस्था के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास चन्द्र ने जनपद न्यायाधीश एवं सभी न्यायिक अधिकारियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि प्राप्त कंप्यूटरों के माध्यम से बालकों के लिए सुव्यवस्थित कंप्यूटर शिक्षा कक्षाएं शीघ्र शुरू की जाएंगी।

