•आरआरसी सेंटर से शुरू हुई यात्रा, महिलाओं और स्कूली बच्चों ने भी की भागीदारी; अर्थी के पीछे चला कचरा ठेला।
बहादुरपुर, बस्ती। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत बहादुरपुर विकासखंड के ग्राम कनैला खुर्द में बुधवार को सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अनूठे तरीके से जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों और Tree Initiatives Society के संयुक्त सहयोग से “प्लास्टिक की अंतिम यात्रा” निकाली गई। प्लास्टिक से तैयार प्रतीकात्मक शव की अर्थी को ग्रामीणों ने कंधा देकर पूरे गांव में भ्रमण कराया। शव यात्रा में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं।
यात्रा की शुरुआत कनैला खुर्द स्थित रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) से हुई। प्लास्टिक का प्रतीकात्मक शव तैयार करने और उसे सजाने में पंचायत के स्वच्छता कर्मी सूरज चक्रवर्ती का विशेष योगदान रहा। अर्थी के पीछे कचरा ठेला भी लगाया गया था, जिसके साथ यात्रा गांव में आगे बढ़ी।
शव यात्रा में Tree Initiatives Society के संस्थापक सदस्य राम कृष्ण पटेल, बाल कृष्ण पटेल, फ्रेंड्स ऑफ सोसाइटी अब्दुर रहीम, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमरनाथ चौधरी, राम कुमार सहित तमाम ग्रामीणों ने अर्थी को कंधा दिया।
यात्रा जब आदर्श प्राथमिक विद्यालय नकहा कनैला खुर्द के सामने से गुजरी तो स्कूली नन्हे बच्चे भी इसमें शामिल हो गए। बच्चों ने कार्डबोर्ड के जरिए स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश दिया।
पूरे गांव में भ्रमण के दौरान अर्थी को पांच स्थानों पर जमीन पर रखा गया। ग्रामीण बारी-बारी से अर्थी को कंधा देते रहे। इन पड़ावों पर प्रतीकात्मक रूप से रोकर स्वच्छता कर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया। साथ ही लोगों को ठोस अपशिष्ट और गीले कचरे के बारे में भी जागरूक किया गया।
यात्रा के दौरान कुछ ग्रामीणों ने कचरा ठेले पर लगे QR कोड और गुल्लक के जरिए पंचायत निधि में आर्थिक सहयोग भी किया।
Tree Initiatives Society के अध्यक्ष प्रभाकर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त गांव की मुहिम को केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित न रखकर उसमें ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गांव को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी सामूहिक है और छोटे-छोटे प्रयासों से सिंगल यूज प्लास्टिक पर निर्भरता कम की जा सकती है।
ग्राम पंचायत के स्वच्छता कर्मी सूरज चक्रवर्ती ने ग्रामीणों को सूखे और गीले कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करते हुए घरों से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के तहत देने का संदेश दिया। उन्होंने स्वच्छता व्यवस्था में ग्रामीणों की नियमित भागीदारी को जरूरी बताया।
अभियान के माध्यम से “हमारा गांव, हमारी जिम्मेदारी — सिंगल यूज प्लास्टिक से आजादी” का संदेश दिया गया।


