•फेस रिकग्निशन से पोषाहार वितरण और गर्भवती महिलाओं का सत्यापन कराने के निर्देश, सैम-मैम बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन कर कराएं उपचार
मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में पोषण अभियान के अंतर्गत जिला पोषण समिति एवं जिला अभिसरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित पोषण संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण की समस्या को कम करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आधार वेरिफिकेशन शीघ्र कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, टीकाकरण, पोषण ट्रैकिंग, एनीमिया नियंत्रण तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पात्र महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजना का समय से लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां सभी पात्र गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराएं तथा फेस रिकग्निशन के माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित करें।
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत पहली संतान पर कुल 5,000 रुपये दो किस्तों में दिए जाते हैं। पहली किस्त 3,000 रुपये तथा दूसरी किस्त 2,000 रुपये की होती है। वहीं दूसरी संतान बालिका होने पर 6,000 रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। लाभार्थियों को भुगतान डीबीटी के माध्यम से आधार-लिंक्ड बैंक खाते में किया जाता है।
फेस रिकग्निशन से हो पोषाहार का वितरण
डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं सभी सीडीपीओ को समय से पोषाहार वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फेस रिकग्निशन सिस्टम के माध्यम से राशन वितरण की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सैम-मैम यानी गंभीर तीव्र कुपोषित एवं मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों का शत-प्रतिशत चिन्हांकन कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराने तथा नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रखने को कहा।
पोषण ट्रैकर पर समय से अपडेट हो डेटा
जिलाधिकारी ने पोषण ट्रैकर ऐप पर सभी आवश्यक फीडिंग समय से कराने तथा नियमित डेटा अपडेट और मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषित बच्चों के उपचार, वजन एवं ऊंचाई मापने के उपकरणों की उपलब्धता और आईसीडीएस कार्यक्रमों की भी जानकारी ली।
उन्होंने गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय से पोषाहार उपलब्ध कराने के साथ बच्चों, किशोरियों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने और नियमित रूप से घरों का सर्वे करने के निर्देश दिए।
निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों का कार्य शीघ्र पूरा कराने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि नव निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों को समय से संबंधित विभाग को हस्तांतरित कराया जाए तथा निर्माणाधीन केंद्रों का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाए। नव निर्मित केंद्रों पर बच्चों के लिए टेबल, चेयर सहित आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत लाभार्थियों के प्रमाणीकरण, पोषण वाटिका, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एवं बाल पेंटिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी योगेंद्र सिंह, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति, जिला विद्यालय निरीक्षक राघवेंद्र सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सहित समस्त सीडीपीओ एवं एसीडीपीओ उपस्थित रहे।

