•ग्राम विकास अधिकारियों पर लेनदेन में बिचौलियों के इस्तेमाल के आरोप, जिलाधिकारी के निर्देशों पर कार्रवाई का इंतजार।
रिपोर्ट: राहुल मिश्रा।
मिश्रिख (सीतापुर)। गोदालामऊ ब्लॉक में कथित बिचौलियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोग ग्राम प्रधानों से धनराशि लेकर ग्राम विकास अधिकारियों तक पहुंचाने में भूमिका निभाते हैं। ग्राम विकास अधिकारी रमाकांत को लेकर भी ऐसी चर्चाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चर्चाओं के अनुसार, रमाकांत की पूर्व तैनाती मिश्रिख ब्लॉक में भी कथित बिचौलियों की सक्रियता को लेकर सवाल उठते रहे थे। अब गोदालामऊ ब्लॉक में भी इसी तरह की शिकायतों की चर्चा है। आरोप यह भी हैं कि ब्लॉक में कई ग्राम विकास अधिकारियों के साथ कथित मुंशी सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से लेनदेन किए जाने की बात कही जा रही है।
बताया जाता है कि जिलाधिकारी ने ब्लॉक, तहसील और अस्पतालों में कार्यरत निजी मुंशियों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कथित तौर पर ऐसे लोगों की सक्रियता पर प्रभावी रोक नहीं लगने के सवाल उठ रहे हैं।
एक ओर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी कार्यालयों में कथित बिचौलियों की मौजूदगी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह है कि जिलाधिकारी इन शिकायतों का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों और कथित बिचौलियों की भूमिका की जांच कराते हैं या नहीं।


