मथुरा। वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के एक शिष्य की मौत का मामला सामने आने के बाद ब्रज के संतों ने प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। संतों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री से मुलाकात करने की बात भी कही है। संतों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस या प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई तो संत समाज आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा।
परिक्रमा मार्ग स्थित ललित कुंज आश्रम में संतों की बैठक महामंडलेश्वर राधाप्रसाद देव जू महाराज की अध्यक्षता में हुई। बैठक में महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में बड़ी संख्या में दीक्षित साधक-साधिकाएं रहते हैं। ऐसे में एक शिष्य की इस तरह हुई मौत कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि अब तक संत प्रेमानंद महाराज या आश्रम की ओर से किसी जिम्मेदार व्यक्ति का बयान सामने नहीं आया है, जिससे मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं।
उन्होंने प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर घटना की वास्तविकता सामने लाने की मांग की।
महंत गंगादास महाराज ने मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण का उल्लेख करते हुए प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए और किसी भी स्थिति में दूसरा जवाहर बाग जैसा प्रकरण नहीं बनने दिया जाना चाहिए।
बैठक में श्रीदास प्रजापति, राजेश शास्त्री, हरियानंद सरस्वती महाराज, मूलचंद गिरी, सतीश गिरी, चंदन महाराज, हरिगिरी, अंकित शास्त्री, पुरुषोत्तम, अभिलाख सहित अन्य संत उपस्थित रहे।


