लखनऊ। दीपावली और छठ पर्व पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को छह नवंबर से 17 नवंबर 2026 तक विशेष प्रोत्साहन अवधि में अधिक से अधिक बसें संचालित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान प्रदेशवासियों को उनके गंतव्य तक सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।परिवहन मंत्री ने कहा कि छठ पर्व पर पूर्वांचल के बड़ी संख्या में लोग दिल्ली और अन्य महानगरों से अपने घरों को लौटते हैं। इसे देखते हुए दिल्ली से पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त बसें चलाई जाएं।
लखनऊ और कानपुर के लिए भी बसों की संख्या बढ़ाई जाए। पूर्वी उत्तर प्रदेश से गाजियाबाद, दिल्ली और पश्चिमी क्षेत्रों की ओर जाने वाली बसों में शुरुआती पड़ाव से 60 प्रतिशत से अधिक यात्री मिलने पर अतिरिक्त सेवाएं शुरू की जाएं। भैयादूज पर स्थानीय और आसपास के जिलों में यात्रियों की आवाजाही बढ़ने को देखते हुए क्षेत्रीय अधिकारियों को विशेष व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
परिवहन मंत्री ने प्रोत्साहन अवधि में निगम की सभी बसों को सड़क पर उतारने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बसों की मरम्मत, कलपुर्जों और अन्य जरूरी सामग्री की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में अनफिट बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर अधिकारियों और कर्मचारियों का अवकाश स्वीकृत नहीं होगा तथा उनकी ड्यूटी रोस्टर के अनुसार लगाई जाएगी। बस अड्डों और बसों में साफ-सफाई के साथ पेयजल, बैठने की सुविधा, डिजिटल समय-सारिणी और सहायता केंद्र की व्यवस्था भी बेहतर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने अनुबंधित बसों के मालिकों को भी पहले से सूचना देकर उनकी बसों की मरम्मत कराने और प्रोत्साहन अवधि में उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा है। प्रवर्तन दलों को नियमित जांच करने तथा सभी चालकों और परिचालकों का श्वास परीक्षण यंत्र से परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि नशे की हालत में वाहन संचालन पर रोक लगाकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि मंत्री के निर्देशों के अनुपालन में सभी क्षेत्रीय और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रोत्साहन अवधि में चालकों, परिचालकों और अन्य कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
संविदा और बाह्य स्रोत से जुड़े चालकों तथा परिचालकों को कम से कम 11 दिन ड्यूटी करने और प्रतिदिन औसतन 300 किलोमीटर बस संचालन का लक्ष्य पूरा करने पर 400 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 4400 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे। जो कर्मचारी पूरी 12 दिन की प्रोत्साहन अवधि में निर्धारित मानक पूरा करेंगे, उन्हें 4800 रुपये मिलेंगे।
निर्धारित दूरी से अधिक बस संचालन करने पर संविदा और बाह्य स्रोत के चालकों तथा परिचालकों को अतिरिक्त दूरी के लिए 55 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से अतिरिक्त भुगतान भी किया जाएगा।इलेक्ट्रिक बसों पर नियमित और संविदा चालकों को कम से कम 11 दिन ड्यूटी करते हुए कुल 3300 किलोमीटर बस संचालन करने पर निर्धारित प्रोत्साहन राशि के अतिरिक्त करीब एक हजार रुपये दिए जाएंगे।
वहीं, प्रोत्साहन अवधि में लगातार 12 दिन ड्यूटी करने वाले डिपो कार्यशाला और क्षेत्रीय कार्यशाला के कर्मचारियों को 2500 रुपये तथा 11 दिन ड्यूटी करने वालों को 2100 रुपये एकमुश्त दिए जाएंगे। इसमें निगम से सीधे जुड़े बाह्य स्रोत के कर्मचारी भी शामिल होंगे।
प्रबंध निदेशक ने बताया कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए क्षेत्रीय प्रबंधकों को 10 हजार रुपये और सेवा प्रबंधकों को पांच हजार रुपये दिए जाएंगे। इसका वितरण क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच किया जाएगा।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भी निगम और अनुबंधित बसों की संख्या के आधार पर 50 रुपये प्रति बस की दर से डिपो के उत्कृष्ट कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान दिल्ली से लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, अयोध्या और कानपुर के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
इसके अलावा गाजियाबाद, मुरादाबाद, मेरठ, बरेली, सहारनपुर, आगरा-लखनऊ, अलीगढ़ और इटावा क्षेत्रों के लिए भी अतिरिक्त बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों की संख्या और मांग के अनुसार क्षेत्रीय प्रबंधक बसों की संख्या में आवश्यक बदलाव कर सकेंगे।


