शिवानी मिश्रा की प्रस्तुति में महादेव-सती की गाथा, प्रभु श्रीराम की मर्यादा, मां विंध्यवासिनी की महिमा और राधा-कृष्ण के प्रेम ने मोहा मन
मथुरा। उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक आस्था और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के विविध रंग मंगलवार को धौली प्याऊ रेलवे ग्राउंड में आयोजित ‘कलर्स ऑफ यूपी’ नृत्य प्रस्तुति में देखने को मिले। कथक नृत्यांगना एवं कोरियोग्राफर शिवानी मिश्रा के निर्देशन में कलाकारों ने पौराणिक गाथाओं, देवी-देवताओं की महिमा और राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम को नृत्य एवं संगीत के माध्यम से मंच पर साकार किया।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित ब्रजरज उत्सव के अंतर्गत प्रस्तुत इस कार्यक्रम ने दर्शकों को प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू कराया।
प्रस्तुति का शुभारंभ देवाधिदेव महादेव और माता सती की अमर गाथा से हुआ। नृत्य के माध्यम से प्रेम, त्याग और समर्पण के भावों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया। इसके बाद प्रभु श्रीराम की महिमा और अयोध्या की धार्मिक विरासत से जुड़े प्रसंगों ने मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन का संदेश दिया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में मां विंध्यवासिनी की आराधना के जरिए शक्ति, श्रद्धा और भक्ति के भावों को प्रस्तुत किया गया। इसके बाद राधा के विरह और श्रीकृष्ण की प्रतीक्षा पर आधारित भावपूर्ण नृत्य ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। राधा की व्याकुलता, कृष्ण की स्मृतियों और उनके प्रति अटूट प्रेम को भाव-भंगिमाओं के माध्यम से उकेरा गया।
प्रस्तुति में प्रेम की उस अनुभूति को दर्शाया गया, जो सांसारिक भावनाओं से आगे बढ़कर भक्ति और आध्यात्मिक समर्पण का स्वरूप धारण कर लेती है। कथक की भावपूर्ण मुद्राओं और संगीत के समन्वय ने मंच पर ब्रज की विशिष्ट भक्ति परंपरा को जीवंत कर दिया।
कार्यक्रम का समापन मथुरा-वृंदावन की सांस्कृतिक पहचान और राधा-कृष्ण के अलौकिक प्रेम के चित्रण के साथ हुआ। ‘कलर्स ऑफ यूपी’ की इस प्रस्तुति ने उत्तर प्रदेश की पौराणिक विरासत, धार्मिक विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को कलात्मक रूप में सामने रखा।


