मथुरा। बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति के एक वर्ष के कार्यकाल में जनपद मथुरा के परिषदीय विद्यालयों में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद से सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा दोनों बदल गई है और आज सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को हर क्षेत्र में पीछे छोड़ रहे हैं।

नगला फुंसिया में 69 में से 69 बच्चे हाजिर, 100% उपस्थिति
इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल आज प्राथमिक विद्यालय नगला फुंसिया, ब्लॉक फरह ने पेश की है। विद्यालय में कुल नामांकित छात्र संख्या 69 है, जिसके सापेक्ष आज *प्रार्थना सभा तक 69 बच्चे उपस्थित* हैं। यानी शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई है।
विद्यालय की विशेष बातें:
– कोई भी बच्चा बिना ड्रेस के नहीं है, सभी बच्चे पूरी यूनिफॉर्म में हैं।
– सभी बच्चों को प्रधानाध्यापक द्वारा आई-कार्ड वितरित किए गए हैं।
– सभी बच्चों को ड्रेस, जूता-मोजा, बैग, कॉपी-किताबें समय से मिली हैं।
– विद्यालय में स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अक्षय पात्र का भोजन समय से मिल रहा है।
– सभी बच्चे नहा-धोकर, साफ-सुथरे होकर समय से विद्यालय आ रहे हैं।
– शिक्षक-शिक्षिकाएं समय से आ रहे हैं और बच्चों को रुचि के साथ पढ़ा रहे हैं।
*बीएसए का स्पष्ट निर्देश: लंच टाइम में ही धूप सेंके और मूंगफली खाएं, खाना खाएं*
बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने विद्यालय की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और सभी शिक्षकों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं विद्यालयों में जाकर बच्चों को पढ़ाती हूं और मॉनिटरिंग करती हूं। बच्चे प्यार-दुलार से ही सीखते हैं।
उन्होंने कहा कि “सभी शिक्षक समय से स्कूल आएं और जाएं। बच्चों को पढ़ाने में पूरा जोर लगाएं। सर्दी का मौसम शुरू हो रहा है, इसलिए कोई भी शिक्षक क्लास टाइम में धूप सेंकने न बैठे, मूंगफली खाने न बैठे, समय व्यर्थ न करे।”
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि *”लंच टाइम में ही धूप सेंके और मूंगफली खाएं, खाना खाएं।”* इसके बाद फिर से पूरी ऊर्जा और निष्ठा के साथ बच्चों के शिक्षण कार्य में लग जाएं। विद्यालय को विकास की ओर ले जाएं जिससे सरकारी स्कूलों का और शिक्षकों का नाम रोशन हो और शासन-प्रशासन का सपना पूरा हो।
उन्होंने कहा कि बच्चे देश की धरोहर हैं, ये ही पढ़-लिखकर देश के विकास में भागीदार बनेंगे। शासन इन पर अरबों रुपये खर्च कर रहा है, इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा से निभाएं।
नगला फुंसिया की इस सफलता से पूरे फरह ब्लॉक में खुशी का माहौल है और अभिभावकों का सरकारी स्कूलों पर विश्वास और मजबूत हुआ है।


