•मेहंदी, क्रोशिया से वस्त्र निर्माण तथा अचार-पापड़ निर्माण की स्टॉल रहीं आकर्षण का केंद्र; ई-वेस्ट प्रबंधन के प्रति भी किया जागरूक
मथुरा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, रचनात्मकता एवं आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने के उद्देश्य से उच्च प्राथमिक विद्यालय (UPS) बिरजापुर, विकास खण्ड मथुरा में कौशल विकास मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा श्रीमती रतनकीर्ति रहीं।

मेले में छात्राओं ने विभिन्न कौशल आधारित स्टॉल लगाकर अपनी प्रतिभा और हुनर का प्रदर्शन किया। मेहंदी कला, क्रोशिया के माध्यम से वस्त्र निर्माण तथा अचार-पापड़ निर्माण से संबंधित स्टॉल विशेष रूप से उल्लेखनीय रहीं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्राओं ने पारंपरिक कलाओं, हस्तकौशल और घरेलू उत्पादों के निर्माण में अपनी दक्षता प्रदर्शित की। साथ ही, इन कौशलों के माध्यम से स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की संभावनाओं को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट) के उचित प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी जागरूकता संदेश दिया गया। विद्यार्थियों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे से होने वाले संभावित नुकसान तथा उसके सुरक्षित निस्तारण के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूक नागरिक बनने की भावना विकसित करने का संदेश दिया गया।
नई शिक्षा नीति के अनुरूप कौशलपरक शिक्षा पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में अनुभवात्मक अधिगम, गतिविधि आधारित शिक्षण और व्यावसायिक कौशल के विकास को विशेष महत्व दिया गया है। कौशल विकास मेला इसी दृष्टिकोण को विद्यालयी शिक्षा से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास रहा। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने, अपनी रुचियों को पहचानने तथा रचनात्मक सोच विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
मुख्य अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्रीमती रतनकीर्ति की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। मेले ने यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवनोपयोगी कौशलों से सुसज्जित करना, उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी है।
कौशल, स्वरोजगार और पर्यावरण जागरूकता का संदेश
UPS बिरजापुर में आयोजित इस मेले ने पारंपरिक कला, व्यावहारिक कौशल और पर्यावरण संरक्षण को एक मंच पर प्रस्तुत किया। छात्राओं की सहभागिता ने बालिकाओं में कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता के महत्व को उजागर किया, वहीं ई-वेस्ट जागरूकता गतिविधि ने जिम्मेदार एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नागरिक बनने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
यह आयोजन नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, कौशल संवर्धन और व्यावहारिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय पहल रहा।
कार्यक्रम का विवरण
– विद्यालय: उच्च प्राथमिक विद्यालय (UPS), बिरजापुर
– विकास खण्ड: मथुरा
– मुख्य अतिथि: श्रीमती रतनकीर्ति, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, मथुरा
– प्रमुख गतिविधियाँ: मेहंदी कला, क्रोशिया से वस्त्र निर्माण, अचार-पापड़ निर्माण एवं ई-वेस्ट प्रबंधन जागरूकता


