•हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में पुष्पवर्षा के बीच हुआ पूजन, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति जनजागरण अभियान के तहत देशभर में पूजन कराने का लक्ष्य।
महावन। भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति जनजागरण के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महावन स्थित 84 खंभा मंदिर, पुरानी गोकुल में संकल्पित रजत शिला का वैदिक विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं एवं सनातन धर्मावलंबियों ने भाग लिया। तीर्थ पुरोहितों ने मंगलाचरण के साथ विधिवत पूजन कराया और श्रद्धालुओं ने रजत शिला पर पुष्पवर्षा की।
संकल्पित रजत शिला के विशेष रथ के नगर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। इस दौरान “अयोध्या हुई हमारी है, अब मथुरा की बारी है” तथा भगवान श्रीकृष्ण की जय के जयघोष से वातावरण गूंज उठा।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद मामले में मुख्य हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी जी महाराज ने कहा कि परम संत एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र तथा कृष्ण जन्मभूमि संस्थान के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज ने पूजन के उपरांत यह रजत शिला उन्हें सौंपी है। उन्होंने बताया कि संपूर्ण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों और एक लाख से अधिक ग्राम सभाओं में रजत शिला का पूजन कराने के लक्ष्य के तहत विशेष रथ के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर के प्रति हिंदू समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
महामंडलेश्वर राधानंद गिरी माता जी ने कहा कि हिंदू जनमानस अब अयोध्या की तरह लंबे समय तक इंतजार नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि न्यायालय पर पूर्ण भरोसा है और उन्हें विश्वास है कि जीत होगी।
रजत शिला पूजन के प्रभारी संयोजक राजेश पाठक ने कहा कि दिनेश फलाहारी जी महाराज के नेतृत्व में न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ी जा रही है। उन्होंने कहा कि भगवान योगेश्वर श्रीकृष्ण का दिव्य मंदिर बनने पर यह संकल्पित रजत शिला मंदिर में प्रथम ईंट के रूप में स्थापित की जाएगी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से पवन गिरि जी महाराज सहित अनेक संत-महात्मा, तीर्थ पुरोहित, श्रद्धालु एवं सनातन धर्मावलंबी मौजूद रहे।


